पीलीभीत रोड स्थित एक निजी अस्पताल की दूसरी मंजिल पर संचालित स्पा सेंटर को लेकर दो दिन से शहर में सनसनी मची है। पहले स्पा का कथित वीडियो वायरल हुआ, फिर उसे हटाने और सेंटर दोबारा खुलवाने के नाम पर 40 हजार रुपये की रंगदारी मांगने का ऑडियो सामने आया।
बरेली। पीलीभीत रोड स्थित एक निजी अस्पताल की दूसरी मंजिल पर संचालित स्पा सेंटर को लेकर दो दिन से शहर में सनसनी मची है। पहले स्पा का कथित वीडियो वायरल हुआ, फिर उसे हटाने और सेंटर दोबारा खुलवाने के नाम पर 40 हजार रुपये की रंगदारी मांगने का ऑडियो सामने आया। बारादरी पुलिस ने जिला बदर चल रहे ऋषभ ठाकुर, उसके कथित गुर्गे आशु यादव समेत 3 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
दो दिन पहले इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित वीडियो में स्पा सेंटर के भीतर लड़कियों को दिखाने, रकम तय करने और एंट्री फीस की बातचीत रिकॉर्ड होने का दावा किया गया। वीडियो में संचालिका के बुलाने पर युवतियों के आने-जाने और ग्राहकों के सामने बातचीत के दृश्य दिखाई दे रहे हैं। आरोप लगाए गए कि स्पा सेंटर की आड़ में देह व्यापार कराया जा रहा था। वीडियो वायरल होते ही बारादरी पुलिस मौके पर पहुंची और सेंटर पर ताला लगवा दिया। हालांकि पुलिस ने तत्काल किसी बड़ी कार्रवाई से इनकार करते हुए कहा कि मौके पर कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली।
मामला यहीं नहीं थमा। अगले ही दिन एक ऑडियो क्लिप वायरल हुई, जिसमें स्पा संचालिका से 40 हजार रुपये की मांग की जा रही है। कथित तौर पर बातचीत में युवक वीडियो इंटरनेट से हटवाने और स्पा सेंटर दोबारा खुलवाने की बात कर रहा है। रकम भेजने के बाद सब सेट कराने का दावा किया जाता सुनाई दे रहा है। सूत्रों के मुताबिक, यह ऑडियो जिला बदर आरोपी ऋषभ ठाकुर के गुर्गे आशु यादव का बताया जा रहा है। ऑडियो सामने आने के बाद रंगदारी की आशंका और गहरा गई।
पुलिस सूत्र बताते हैं कि मुख्य आरोपी ऋषभ ठाकुर पहले से जिला बदर की कार्रवाई झेल रहा है। इसके बावजूद उसके नाम पर वसूली की कोशिश होने से कानून-व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वायरल वीडियो और ऑडियो ने पूरे इलाके में दहशत और चर्चा का माहौल बना दिया है। बारादरी इंस्पेक्टर धनंजय पांडे का कहना है कि मामला गंभीर है। सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। दोषियों पर सख्त कदम उठाने का आश्वासन दिया गया है।
बारादरी थाना पुलिस ने ऋषभ ठाकुर, आशु यादव समेत 3 अज्ञात के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है। बारादरी इंस्पेक्टर धनंजय पांडे का कहना है कि ऑडियो और वीडियो दोनों की तकनीकी जांच कराई जाएगी। साइबर सेल की मदद से यह भी पता लगाया जाएगा कि क्लिप किसने अपलोड की और किसने वायरल की। पुलिस का यह भी कहना है कि यदि वीडियो में देह व्यापार के साक्ष्य मिलते हैं तो उस एंगल से भी जांच आगे बढ़ाई जाएगी। वहीं, रंगदारी के आरोपों की भी अलग से पड़ताल की जा रही है।
एक तरफ स्पा सेंटर की गतिविधियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं, दूसरी तरफ वायरल कंटेंट के जरिए ब्लैकमेलिंग और रंगदारी की परतें खुल रही हैं। वीडियो में कथित लेन-देन और ऑडियो में रुपये की मांग दोनों ने जांच को दो दिशाओं में मोड़ दिया है। फिलहाल स्पा सेंटर पर ताला लटका है और पुलिस पूरे घटनाक्रम की तह तक जाने का दावा कर रही है। शहर में यह चर्चा भी है कि वायरल वीडियो की आड़ में वसूली गिरोह सक्रिय हो गए हैं, जो बदनामी के डर का फायदा उठाकर पैसे ऐंठने की कोशिश करते हैं।