बरेली

फर्जी बिल, फर्जी चेक और फर्जी मुकदमे, साझेदारी के नाम पर करोड़ों की लूट, कारोबारी के खिलाफ फर्म पार्टनर व उसके साढ़ू ने रचा षड्यंत्र, FIR

प्रेमनगर थाना क्षेत्र के रहने वाले एक कारोबारी ने अपने व्यापारिक साझेदारों और फर्म के अधिकृत पार्टनर उमाकान्त गंगवार उसके सहयोगी सुबोध कुमार व ललित कुमार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। पीड़ित ने बताया कि इन लोगों ने मिलकर उनकी फर्म मेसर्स एनडीए कंस्ट्रक्शन और मैसर्स नरेन्द्र देव रेलवेज के खिलाफ षड्यंत्र रचा और करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की।

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Nov 27, 2025

बरेली। प्रेमनगर थाना क्षेत्र के रहने वाले एक कारोबारी ने अपने व्यापारिक साझेदारों और फर्म के अधिकृत पार्टनर उमाकान्त गंगवार उसके सहयोगी सुबोध कुमार व ललित कुमार के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। पीड़ित ने बताया कि इन लोगों ने मिलकर उनकी फर्म मेसर्स एनडीए कंस्ट्रक्शन और मैसर्स नरेन्द्र देव रेलवेज के खिलाफ षड्यंत्र रचा और करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की।

थाना क्षेत्र के राजेंद्रनगर निवासी अजय कुमार ने कोर्ट में बताया कि उमाकान्त गंगवार फर्म का अधिकृत पार्टनर होने के साथ बैंक की संयुक्त साइनिंग अथॉरिटी भी थे। उनके पास फर्म की पूरी बैंक बुकलेट रहती थी, लेकिन उसने और उसका सगा साढू सुबोध कुमार ने फर्म की रोकड़ अपने निजी खातों में ट्रांसफर कर ली। वर्ष 2023-24 में उन्होंने 3 लाख और 3.50 लाख रुपये के चेक फर्म में डालकर अपने नाम करवा लिए। इसके अलावा, दो बड़े चेक 15 लाख और 17 लाख रुपये भी बिना किसी देनदारी के अपने साढू को दे दिए। सुबोध कुमार ने फर्जी घटनाक्रम बनाकर नोटिस भेजे और जानबूझकर उमाकान्त का नाम उसमें डाला, जिससे पीड़ित को ब्लैकमेल और फर्जी मुकदमे का सामना करना पड़ा।

पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि ललित कुमार ने ग्लोवल इन्फ्रा और बायोमास प्लांट के नाम पर फर्जी बिल बनाकर उसे प्राइमरी स्कूल पनुआ, इंडिया फैजुल्ला में दिखाया। इसके जरिए 43.78 लाख रुपये का लेनदेन दिखाया गया, जबकि वास्तविकता में कोई भी खरीदारी नहीं हुई थी। जब अजय कुमार ने जीएसटी विभाग में शिकायत की, तो ललित कुमार पर लाखों रुपये का जुर्माना लगाया गया। वहीं, उमाकान्त गंगवार ने उनके हस्ताक्षरित 45 लाख 96 हजार 900 रुपये के चेक का दुरुपयोग किया और बंद खाते से चेक डिसऑनर करवा दिया।

अजय कुमार ने बताया कि उन्होंने पहले पुलिस से शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश के बाद प्रेमनगर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़ित ने न्यायालय से अनुरोध किया है कि आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए और फर्म की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने वाले इस अपराध की जांच तुरंत पूरी की जाए।

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