जिले में पशुओं को खतरनाक बीमारी एफएमडी (मुंहपका–खुरपका) से बचाने के लिए चल रहे सरकारी टीकाकरण अभियान के दौरान लालपुर गांव में टीकाकरण के लिए पहुँची महिला पशुधन प्रसार अधिकारी पर हमला करने की कोशिश की गई। आरोप है कि न सिर्फ गाली-गलौज हुई,
बरेली। जिले में पशुओं को खतरनाक बीमारी एफएमडी (मुंहपका–खुरपका) से बचाने के लिए चल रहे सरकारी टीकाकरण अभियान के दौरान लालपुर गांव में टीकाकरण के लिए पहुँची महिला पशुधन प्रसार अधिकारी पर हमला करने की कोशिश की गई। आरोप है कि न सिर्फ गाली-गलौज हुई, बल्कि ईंट उठाकर जान से मारने का प्रयास, सरकारी वैक्सीन छीनकर जमीन पर फेंकना और सरकारी काम ठप कराने की कोशिश भी की गई। महिला अधिकारी की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
क्यारा ब्लॉक के पशु सेवा केंद्र में तैनात स्नेह सिंह राठौर सरकारी आदेश के तहत लालपुर गांव में एफएमडी टीकाकरण करने पहुँची थीं। तहरीर के मुताबिक गांव के रामदास पुत्र जगपाल और उसके बेटों ने अपने पशुओं का टीकाकरण कराने से इनकार किया और विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद उग्र हो गया और महिला अधिकारी को घेर लिया गया।
आरोप है कि गालियों के बीच आरोपियों ने ईंट उठाकर हमला करने की कोशिश की। इसी दौरान सरकारी टीकाकरण सामग्री और एफएमडी वैक्सीन छीनकर जमीन पर फेंक दी गई। हालात इतने बिगड़े कि महिला अधिकारी को अपनी जान बचाने के लिए मौके से हटना पड़ा।
घटना ने सरकारी कर्मचारियों—खासतौर पर महिला अधिकारियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जनहित से जुड़े टीकाकरण जैसे अभियानों में इस तरह की बाधा न सिर्फ प्रशासनिक व्यवस्था को चोट पहुँचाती है, बल्कि पशुओं में संक्रामक बीमारियों के फैलाव का खतरा भी बढ़ाती है।
पीड़िता ने पूरे घटनाक्रम की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, जिलाधिकारी, अपर निदेशक (ग्रेड-2) पशुपालन विभाग, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी को भेजी है। मांग की गई है कि आरोपियों के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा, जान से मारने की कोशिश और सरकारी संपत्ति को नुकसान जैसी धाराओं में कठोर कार्रवाई की जाए। महिला अधिकारी की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।