रमजान के आखिरी जुमा यानी अलविदा की नमाज को लेकर शहर की छोटी-बड़ी मस्जिदों में तैयारियां तेज हो गई हैं। कल अदा होने वाली इस खास नमाज के लिए बरेली में वक्त का एलान कर दिया गया है।
बरेली। रमजान के आखिरी जुमा यानी अलविदा की नमाज को लेकर शहर की छोटी-बड़ी मस्जिदों में तैयारियां तेज हो गई हैं। 13 मार्च को अदा होने वाली इस खास नमाज के लिए बरेली में वक्त का एलान कर दिया गया है। किला स्थित शाही जामा मस्जिद में अलविदा की नमाज दोपहर 1:30 बजे अदा की जाएगी, जबकि सबसे आखिर में दरगाह आला हजरत की रजा मस्जिद में साढ़े तीन बजे नमाज होगी। मस्जिदों के बाहर साफ-सफाई, वुजू और नमाजियों की व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
आला हजरत दरगाह के मीडिया प्रभारी नासिर कुरैशी ने बताया कि शहर की अलग-अलग मस्जिदों में नमाज का समय तय कर दिया गया है ताकि नमाजियों को सहूलियत मिल सके। दोपहर 12:45 बजे खानकाह वामिकिया, जसोली की पीराशाह मस्जिद, बालजती की गुरुड़ वाली मस्जिद, पशुपति बिहार मस्जिद, कैंट की हाथीखाना मस्जिद और लीची बाग की फैजाने मदीना मस्जिद में नमाज अदा होगी।
दोपहर एक बजे दरगाह शाह शराफत अली मियां, दरगाह वली मियां बाजार संदल खान, आजमनगर की हरी मस्जिद, चौकी चौराहा वाली मस्जिद, कोतवाली की मोती मस्जिद, सिविल लाइंस की आवास विकास मस्जिद, सैलानी रजा चौक की बारादरी मस्जिद, कुतुबखाना की जहानी मस्जिद, बड़ा बाजार की हरी मस्जिद, मलूकपुर की लाल मस्जिद और शिया जामा मस्जिद में नमाज होगी। इसके बाद 1:15 बजे इज्जतनगर रोड नंबर एक की मुमताज मस्जिद और सुभाषनगर की साबरी मस्जिद में नमाज अदा की जाएगी।
दोपहर 1:30 बजे दरगाह बशीर मियां, कचहरी वाली मस्जिद, कांकरटोला की छह मीनारा मस्जिद, मलूकपुर की मुफ्ती आजम हिंद मस्जिद, स्वालेनगर की एक मीनार मस्जिद, स्टेडियम रोड शाहदाना मुस्तफाई मस्जिद, शाहबाद की मुन्ना तारकश मस्जिद, सिटी सब्जी मंडी रोड की मस्जिद मंसूरियान और बांस मंडी की अरबिया काशीफुल उलूम मस्जिद में नमाज होगी। इसी समय किला स्थित शाही जामा मस्जिद में भी अलविदा की नमाज अदा की जाएगी, जहां हर साल बड़ी तादाद में नमाजी पहुंचते हैं।
दोपहर 1:45 बजे घेर जाफर खान की मिजाई मस्जिद और रेलवे जंक्शन की नूरी मस्जिद में नमाज होगी। दो बजे दरगाह ताजुश्शरिया, दरगाह शाहदाना वली मस्जिद, बिहारीपुर की बीबी जी मस्जिद, सैलानी की हबीविया रजविया मस्जिद, करोलान की आला हजरत मस्जिद, रेती की नक्शबंदियान मस्जिद, गली नवावान की जन्नत मस्जिद, जखीरा की इमली वाली मस्जिद, चक महमूद की नूर-ए-नवी मस्जिद और श्यामगंज की कलंदर शाह मस्जिद में नमाज अदा होगी। इसके बाद 2:30 बजे सिविल लाइंस की नौमहला मस्जिद, तीन बजे खन्नू मोहल्ला की दादा मियां मस्जिद, 3:15 बजे कटरा मानराय की यतीमखाना मस्जिद और सबसे आखिर में 3:30 बजे दरगाह आला हजरत की रजा मस्जिद में अलविदा की नमाज होगी।
दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां ने कहा कि 13 मार्च को देशभर में जुमा-तुल-विदा की नमाज अदा की जाएगी। उन्होंने बताया कि 19 मार्च को अगर ईद का चांद नजर आता है तो 20 मार्च को ईद मनाई जाएगी। अगर उस दिन चांद नजर नहीं आया तो 20 मार्च को रमजान का आखिरी जुमा मानकर फिर जुमा-तुल-विदा की नमाज अदा की जाएगी और ईद 21 मार्च को होगी। इस एलान के बाद लोगों में धार्मिक कार्यक्रमों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
उधर, अलविदा और ईद को लेकर शहर के बाजारों में भी जबरदस्त रौनक दिखाई दे रही है। रमजान अपने शबाब पर है और इबादत के साथ खरीदारी का दौर भी तेज हो गया है। पुराना शहर का सैलानी बाजार इफ्तार के बाद देर रात तक गुलजार रह रहा है। तरावीह के वक्त को छोड़ दें तो रात साढ़े नौ-दस बजे से आधी रात के बाद तक खाने-पीने की दुकानों पर भीड़ उमड़ रही है। हलीम, कबाब-पराठा, शीरमाली रोटी, नहारी, बिरयानी, फीरनी, लस्सी, रबड़ी और आइसक्रीम की दुकानों पर खास भीड़ देखी जा रही है।
किला जामा मस्जिद और कोहाड़ापीर इलाके में भी यही नजारा है। ईद के मद्देनजर कपड़ों, फुटवियर और बच्चों के परिधानों की दुकानों पर खरीदारों की भीड़ बढ़ गई है। दर्जियों की दुकानों पर हालत यह है कि कई जगह नए ऑर्डर लेने तक बंद कर दिए गए हैं। व्यापारी मान रहे हैं कि जैसे-जैसे ईद करीब आएगी, बाजारों की रौनक और बढ़ेगी।