जिले में नशे के कारोबार पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। मीरगंज और भमोरा थाना पुलिस ने अलग-अलग अभियानों में कुल चार तस्करों को धर दबोचा। इनमें दो के पास से 33 ग्राम स्मैक तो दो के पास से 387 ग्राम अफीम, मोबाइल और मोटरसाइकिल बरामद हुई है। पुलिस ने सभी को एनडीपीएस एक्ट में जेल भेज दिया है, जबकि एक आरोपी फरार है।
बरेली। जिले में नशे के कारोबार पर पुलिस का शिकंजा कसता जा रहा है। मीरगंज और भमोरा थाना पुलिस ने अलग-अलग अभियानों में कुल चार तस्करों को धर दबोचा। इनमें दो के पास से 33 ग्राम स्मैक तो दो के पास से 387 ग्राम अफीम, मोबाइल और मोटरसाइकिल बरामद हुई है। पुलिस ने सभी को एनडीपीएस एक्ट में जेल भेज दिया है, जबकि एक आरोपी फरार है।
रविवार देर रात मीरगंज थाना पुलिस सिरौली चौराहे पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर ने सूचना दी कि नेशनल हाईवे अंडरपास पर दो युवक स्मैक बेचने की फिराक में खड़े हैं। सूचना पर दरोगा पंकज कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस को देखते ही दोनों भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर पकड़ लिए गए। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम राहिल और नाजिम निवासी मोहम्मदगंज बताया। तलाशी में राहिल के पास से 19 ग्राम और नाजिम के पास से 14 ग्राम स्मैक बरामद हुई। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
उधर भमोरा थाना पुलिस ने सोमवार को ग्राम खेड़ा रुद्रपुर रोड पर चेकिंग के दौरान दो अफीम तस्करों को पकड़ने में सफलता हासिल की। टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि दो युवक अफीम लेकर गुजरने वाले हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर अवनीश निवासी बुद्धपुरा थाना बिनावर व ओमेन्द्र शर्मा निवासी रमनगला बाजार थाना आंवला को दबोच लिया। उनके पास से 387 ग्राम अफीम, दो मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद हुई। पूछताछ में अवनीश ने बताया कि उसके दादा कन्हई के नाम अफीम की खेती का लाइसेंस है और सरकारी मानक पूरा होने के बाद बची अफीम को उसका पिता दान सिंह अलग रखकर उन्हें बेचने के लिए देता था। इस मामले में दान सिंह को भी नामजद किया गया है, जो फिलहाल फरार है। उसकी तलाश में दबिशें दी जा रही हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट में गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया।