बरेली

ICSE-ISC रिजल्ट में छात्रों का शानदार प्रदर्शन: 99.6 प्रतिशत के साथ बरेली की प्रजाना बनीं मंडल टॉपर, अनिरुद्ध ने भी मारी बाजी

भारतीय विद्यालय प्रमाण पत्र परीक्षा परिषद (सीआईएससीई) द्वारा गुरुवार सुबह 11 बजे घोषित किए गए आईसीएसई (कक्षा 10वीं) और आईएससी (कक्षा 12वीं) के परिणाम में बरेली के विद्यार्थियों ने दमदार प्रदर्शन किया। कक्षा 10वीं में शहर की प्रजाना पाराशरी ने 99.6 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे बरेली मंडल में पहला स्थान प्राप्त किया और शहर का नाम रोशन किया।

2 min read
Apr 30, 2026

बरेली। भारतीय विद्यालय प्रमाण पत्र परीक्षा परिषद (सीआईएससीई) द्वारा गुरुवार सुबह 11 बजे घोषित किए गए आईसीएसई (कक्षा 10वीं) और आईएससी (कक्षा 12वीं) के परिणाम में बरेली के विद्यार्थियों ने दमदार प्रदर्शन किया। कक्षा 10वीं में शहर की प्रजाना पाराशरी ने 99.6 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे बरेली मंडल में पहला स्थान प्राप्त किया और शहर का नाम रोशन किया।

ऑनलाइन-ऑफलाइन पढ़ाई और एआई से बनाई सफलता की राह

बिहारीपुर निवासी प्रजाना पाराशरी कैंट स्थित सेंट मारिया गोरेटी इंटर कॉलेज की छात्रा हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय संतुलित पढ़ाई को दिया। प्रजाना ने बताया कि उन्होंने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से तैयारी की, साथ ही जरूरत पड़ने पर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का भी सहारा लिया। उन्होंने सोशल मीडिया का सीमित और नियंत्रित उपयोग किया। प्रजाना को इतिहास और रसायन विज्ञान में 100-100 अंक मिले, जबकि भौतिक विज्ञान में उनके 97 अंक रहे। उनका लक्ष्य डॉक्टर बनना है।

हार्टमन कॉलेज की अपर्णा ने भी लहराया परचम

कक्षा 10वीं में ही हार्टमन कॉलेज की छात्रा अपर्णा ने 98.40 प्रतिशत अंक हासिल कर शानदार प्रदर्शन किया। अपर्णा ने बताया कि उन्होंने लक्ष्य तय कर नियमित पढ़ाई की। वह भविष्य में न्यूरो सर्जन बनना चाहती हैं।

12वीं में अनिरुद्ध जौहरी ने मारी बाजी

आईएससी (कक्षा 12वीं) के परिणाम में हार्टमन कॉलेज के छात्र अनिरुद्ध जौहरी ने 96.75 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। अनिरुद्ध ने बताया कि उन्होंने पूरी लगन के साथ पढ़ाई की और रात के समय अध्ययन पर विशेष ध्यान दिया। उनका कहना है कि सभी के पास समान समय होता है, जरूरत है तो सिर्फ सही उपयोग की। अनिरुद्ध इंजीनियर बनना चाहते हैं।

शहर में खुशी का माहौल, छात्रों को मिल रहीं बधाइयां

रिजल्ट घोषित होते ही शहर में खुशी की लहर दौड़ गई। स्कूलों में शिक्षकों और अभिभावकों ने मेधावी छात्रों को बधाइयां दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विद्यार्थियों की इस सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि मेहनत, अनुशासन और सही रणनीति से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

Also Read
View All