शहर की सबसे व्यस्त और संवेदनशील सड़कों में शामिल जिला अस्पताल रोड पर सोमवार को नगर निगम का बुलडोजर चलते ही अफरा-तफरी मच गई। जैसे ही प्रवर्तन दल बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंचा, सड़क किनारे अवैध रूप से दुकानें लगाए बैठे दुकानदारों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।
बरेली। शहर की सबसे व्यस्त और संवेदनशील सड़कों में शामिल जिला अस्पताल रोड पर सोमवार को नगर निगम का बुलडोजर चलते ही अफरा-तफरी मच गई। जैसे ही प्रवर्तन दल बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंचा, सड़क किनारे अवैध रूप से दुकानें लगाए बैठे दुकानदारों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। कपड़े, जूते-चप्पल और रोजमर्रा का सामान समेटते हुए दुकानदार इधर-उधर भागते नजर आए।
नगर निगम की टीम ने नावेल्टी चौराहे से जिला अस्पताल गेट और इंद्रा मार्केट तक अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया। सड़क के दोनों ओर लगी रेहड़ियां, ठेले और अस्थायी दुकानों को हटाया गया। कुछ ही देर में सड़क का नजारा बदल गया और जहां पहले जाम लगा रहता था, वहां ट्रैफिक सुचारू होता दिखा।
जिला अस्पताल रोड पर लंबे समय से कपड़ों और जूते-चप्पलों का अस्थायी बाजार सज रहा था। दुकानों के सड़क तक फैल जाने से पैदल चलने वालों को भी जगह नहीं मिलती थी। हालात इतने बिगड़ चुके थे कि एम्बुलेंस तक जाम में फंस जाती थी, जिससे मरीजों को भारी परेशानी उठानी पड़ती थी।
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने बताया कि यह पहली बार नहीं है जब जिला अस्पताल रोड से अतिक्रमण हटाया गया हो। पहले भी कई बार कार्रवाई की गई, लेकिन कुछ ही दिनों बाद दुकानदार दोबारा सड़क पर कब्जा जमा लेते हैं। इसी वजह से निगम को बार-बार सख्ती करनी पड़ रही है।
कार्रवाई के दौरान कई रेहड़ी-पटरी वालों का सामान जब्त किया गया। नियमों का उल्लंघन करने वालों से मौके पर ही जुर्माना वसूला गया। नगर निगम ने कुल 12 हजार रुपये का जुर्माना वसूलते हुए साफ संदेश दिया कि आगे किसी तरह की ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
नगर निगम ने चेतावनी दी है कि अगर दोबारा जिला अस्पताल रोड पर अतिक्रमण किया गया तो सीधे एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। अधिकारियों ने साफ कहा कि अस्पताल रोड को हर हाल में अतिक्रमण मुक्त और जाममुक्त रखा जाएगा, ताकि मरीजों और एम्बुलेंस को किसी तरह की दिक्कत न हो।