चौपला स्थित दीपमाला अस्पताल के डॉक्टर पर मरीज के परिजन ने गंभीर आरोप लगाए हैं।
बरेली। चौपला स्थित दीपमाला अस्पताल के डॉक्टर पर मरीज के परिजन ने गंभीर आरोप लगाए हैं। शाहजहांपुर के मिर्जापुर गांव निवासी मोहन गोविंद ने कोतवाली में तहरीर देते हुए कहा कि डॉक्टर ने उनकी मां का इलाज ठीक से नहीं किया, अभद्रता की, और आयुष्मान योजना पर आपत्तिजनक टिप्पणी की।
मोहन गोविंद ने बताया कि उनकी मां विजय लक्ष्मी को 7 नवंबर को पैरालिसिस का अटैक पड़ा था। उन्होंने मां को चौपुला स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। उनके पास आयुष्मान कार्ड था, लेकिन आरोप है कि इसके बावजूद डॉक्टर ने 1.5 लाख रुपये जमा कराने को कहा। पैसे जमा करने पर भी रसीद नहीं दी गई।
जब मोहन ने डॉक्टर से पूछा कि आयुष्मान कार्ड होने के बावजूद पैसे क्यों मांगे गए, तो डॉक्टर ने उनके साथ बदसलूकी की और योजना को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की।
मोहन का आरोप है कि विवाद के दौरान डॉक्टर ने उनकी मां को जहरीली दवा दे दी। कुछ समय बाद उनकी मां के मुंह से झाग निकलने लगे। जब यह बात डॉक्टर को बताई गई, तो उन्होंने परिजनों को अस्पताल से जबरन बाहर निकाल दिया।
मजबूरी में मोहन अपनी मां को दिल्ली ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई।
मोहन ने कोतवाली पुलिस से घटना की निष्पक्ष जांच और डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें डॉक्टर को आयुष्मान योजना पर टिप्पणी करते और तीमारदार से अभद्र व्यवहार करते देखा जा सकता है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।