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637 में ब्रेस्ट, 958 में सर्वाइकल के संकेत, कैंसर ‘खामोश कातिल’ बनकर दस्तक दे चुका है, क्या आपने कराई जांच

यह खबर आपको झकझोर देगी। प्रदेश में चल रहे कैंसर स्क्रीनिंग अभियान के दौरान जो आंकड़े सामने आए हैं, वे सामान्य नहीं, खतरनाक संकेत हैं। 10 फरवरी तक लगे शिविरों की रिपोर्ट बताती है कि 637 महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर और 958 महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के लक्षण मिले हैं।

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बरेली। यह खबर आपको झकझोर देगी। प्रदेश में चल रहे कैंसर स्क्रीनिंग अभियान के दौरान जो आंकड़े सामने आए हैं, वे सामान्य नहीं, खतरनाक संकेत हैं। 10 फरवरी तक लगे शिविरों की रिपोर्ट बताती है कि 637 महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर और 958 महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर के लक्षण मिले हैं। यानी हर दिन दर्जनों महिलाएं ‘खामोश’ बीमारी की चपेट में पाई जा रही हैं।

शासन ने सभी जिलों को 100 विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए हैं, ताकि ओरल, ब्रेस्ट और सर्वाइकल कैंसर की समय पर पहचान हो सके। लेकिन सवाल है, क्या हम जागरूक हैं?

स्क्रीनिंग में खुलासा: हजारों जांच, सैकड़ों संदिग्ध

अब तक प्रदेशभर में 1570 शिविर लगाए जा चुके हैं। इनमें 16,479 महिलाओं की ब्रेस्ट कैंसर जांच में 637 में लक्षण मिले हैं। 24,892 महिलाओं की सर्वाइकल जांच में 958 में लक्षण पाए गए हैं। इन सभी महिलाओं को हायर सेंटर रेफर किया गया है। स्वास्थ्य विभाग मानता है कि अगर समय रहते इलाज शुरू न हुआ तो हालात और बिगड़ सकते हैं।

कौशांबी बना सबसे बड़ा ‘रेड जोन’
कौशांबी में 2,930 महिलाओं की सर्वाइकल जांच में 224 में लक्षण मिले, वहीं 165 महिलाएं ब्रेस्ट कैंसर के संदिग्ध केस में सामने आईं। यह आंकड़ा संकेत देता है कि बीमारी तेजी से फैल रही है और अनदेखी करना भारी पड़ सकता है।

बरेली मंडल की तस्वीर

बरेली में 15 महिलाओं में ब्रेस्ट कैंसर और 7 महिलाओं में सर्वाइकल के लक्षण मिले हैं। सभी को तत्काल उच्च केंद्र भेजा गया है। खीरी, शाहजहांपुर और बदायूं में भी कई मामलों की पुष्टि ने स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है।

अमेठी, गाजीपुर, लखनऊ… हर जिले से खतरे की घंटी

  • अमेठी: 95 सर्वाइकल संदिग्ध
  • गाजीपुर: 63
  • जालौन: 49
  • लखनऊ: 43
  • फिरोजाबाद: 50 ब्रेस्ट संदिग्ध
  • वाराणसी: बड़ी संख्या में रेफरल
  • यह आंकड़े बता रहे हैं, कैंसर अब दूर की बीमारी नहीं, हमारे बीच है।

क्यों जरूरी है समय पर जांच

विशेषज्ञों का साफ कहना है कि
ब्रेस्ट कैंसर की शुरुआती अवस्था में पहचान से 90 प्रतिशत तक ठीक होने की संभावना है। सर्वाइकल कैंसर का समय पर पता चले तो जीवन बचाया जा सकता है।
हर महिला को 30 वर्ष की उम्र के बाद नियमित जांच और लक्षण दिखें तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।

क्या करें आप

✔ हर साल स्क्रीनिंग कराएं
✔ एनसीडी क्लीनिक और सरकारी शिविरों का लाभ उठाएं
✔ स्तन में गांठ, असामान्य रक्तस्राव, लगातार कमजोरी जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें
✔ परिवार की महिलाओं को जागरूक करें