दो मिनट की रील और इंटरनेट पर लाइक्स की भूख ने इस बार सैकड़ों यात्रियों की सांसें थाम दीं। पीलीभीत जंक्शन के पास एक युवक ने ट्रेन ट्रैक के बीच मोबाइल फोन फ्लैश लाइट ऑन करके रख दिया।
बरेली। दो मिनट की रील और इंटरनेट पर लाइक्स की भूख ने इस बार सैकड़ों यात्रियों की सांसें थाम दीं। पीलीभीत जंक्शन के पास एक युवक ने ट्रेन ट्रैक के बीच मोबाइल फोन फ्लैश लाइट ऑन करके रख दिया। सामने से करीब 109 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से आती ट्रेन के लोको पायलट ने जैसे ही पटरी पर चमकती रोशनी देखी, तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए। गनीमत रही कि ट्रेन पलटने से बच गई और बड़ा हादसा टल गया।
घटना पीलीभीत-टनकपुर रूट पर बुधवार रात करीब आठ बजे की है। टनकपुर-पीलीभीत पैसेंजर शहर की ओर बढ़ रही थी। आगे मोड़ और स्टेशन होने के कारण इंजन नियंत्रित रफ्तार पर था। मोड़ खत्म होते ही इंजन की हेडलाइट सीधी पटरी पर पड़ी तो ट्रैक के बीच कुछ चमकता दिखाई दिया। पहले लोको पायलट को लगा कि कोई छोटी चीज होगी, लेकिन रोशनी लगातार टिमटिमा रही थी।
डिस्टेंट सिग्नल हरा मिला तो ट्रेन आगे बढ़ी, लेकिन लोको पायलट की नजर बार-बार उसी चमक पर अटक रही थी। दूरी कम होने पर साफ दिखा कि रोशनी ट्रैक के ठीक बीच में है। खतरा भांपते हुए उन्होंने साथी लोको पायलट से बातचीत की और अगले ही पल हाथ इमरजेंसी ब्रेक पर चला गया। ब्रेक लगते ही रफ्तार तेजी से गिरी—109 से 90, फिर 70 और 40 किलोमीटर प्रति घंटा। आखिरकार मोबाइल से महज दो-तीन मीटर पहले ट्रेन थम गई। सामने देखा तो ट्रैक के बीचों-बीच मोबाइल फोन रखा था, जिसका कैमरा संभवतः रिकॉर्डिंग मोड में था।
इंजन का दरवाजा खुलते ही पास के खंभे की ओट में खड़ा युवक दौड़कर आया, मोबाइल उठाया और अंधेरे में गायब हो गया। पूरी घटना का जिक्र लोको पायलट रवि ने सोशल मीडिया पर करते हुए लोगों से ऐसी खतरनाक हरकतें न करने की अपील की है। उन्होंने लिखा रेल ट्रैक कोई खेल का मैदान नहीं है। रोमांच और वायरल वीडियो के लिए किसी की जिंदगी खतरे में न डालें। रील के चक्कर में हो रही घटनाएं अब जानलेवा रूप ले चुकी हैं। कुछ दिन पहले शाहजहांपुर में वंदे भारत एक्सप्रेस की चपेट में आकर एक युवक की मौत हो गई थी। वहीं बरेली के रिठौरा के पास निर्माणाधीन बरेली-सितारगंज मार्ग पर पुल निर्माण में रखे आरई वॉल के स्लैब पर वीडियो बना रहे युवक पर कई स्लैब गिर गए थे, जिससे मौके पर ही उसकी जान चली गई।