अपहरण किये गये बीएससी के छात्र का परिवार डीएम आफिस के सामने धरने पर बैठ गया है। बताते चले कि बीएससी के छात्र का पांच महीने पहले अपहरण कर लिया गया था। पुलिस की खामोशी के बाद अब परिवार ने बेटे की बरामदगी न होने पर कलेक्ट्रेट में सामुहिक आत्मदाह की धमकी दी है।
जिलाधिकारी कार्यालय के सामने अपने बेटे राहुल की तस्वीर लेकर आसूं बहाता ये परिवार थाना जलालाबाद कस्बे का रहने वाला है। अपने बेटे की बरादमगी की मांग को लेकर अब ये परिवार अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गया है। पिता मनोज ने बताया कि राहुल का पांच महीने पहले यानी 8 जुलाई 2015 को इलाके के ही गुण्डों ने अपहरण कर लिया था। राहुल का कुसूर सिर्फ इतना था कि उसका क्रिकेट केा लेकर रवि पाण्डेय नाम के दबंग से विवाद हो गया था। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि इसके बाद रवि पाण्डेय, सीतू पाण्डेय, मणिनाथ, मोने और अभिषेक ने पहले उसे बुरी तहर से पीटा और बाद में उसे एक गाड़ी अपहरण करके ले गये।
जिसके बाद आज पांच महीने बीत जाने के बाद भी राहुल मिश्रा का कोई पता नही मिला। हालांकि परिवार ने बामुश्किल पुलिस में पांचों आरोपियों के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज करवाया लेकिन आरोपियों के उंच रसूख और सत्ताधारी नेताओं के दबाव के चलते पुलिस आरोपियों को गिरफतार करने की हिम्मत नही जुटा पा रही है। परिवार को आशंका है कि आरोपियों ने उनके बेटे राहुल की अपहरण की हत्या के बाद उसके शव को गायब कर दिया है। लगातार पुलिस के चक्कर काटने के बाद अब इस परिवार के सब्र का बांध टूट गया है। जिसके बाद अब राहुल का पूरा परिवार धरने पर बैठ गया है। परिवार ने धमकी दी है कि अगर उनके बेटे की जल्द ही बरामदगी नही हुई तो पूरा परिवार डीएम कार्यालय के सामने सामुहिक आत्मदाह कर लेगा।
इसमें कोई दो राय नही की कानून व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार की छवि लगातार गिरती जा रही है। हालांकि सूवे के अधिकारी कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सख्त दिशा निर्देश भी जारी कर रहे है। लेकिन जिला स्तर पर सूबे के आलाधिकारियों के आदेश यहां बौना साबित हो रहे हैं। अपहरण जैसे गंभीर मामलों में पांच महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस की खोमोशी इस बात को साबित करती है। वो अपराध को रोकने के बजाए उसे बढ़ावा दे रही है। अब देखना ये है कि परिवार की आत्मदाह की धमकी के बाद पुलिस इस बेवस परिवार के इकलौते बेटे की बरामदी कर पाती है या नहीं।
राहुल बेहद सीधा साधा बीएससी सेकेण्ड ईयर का छात्र था और अपने मांग बाप का इकलौता बेटा था। लेकिन राहुल के अपहरण के बाद उसके मां और बाप चौकी से लेकर पुलिस के आलाधिकारियों की चैखट पर जाकर दर्जनों बार मदद की गुहार लगा चुके है लेकिन अरोपी की गिरफ्तारी की बजाए वो खुलेआम घूम रहे है। फिल्हाल अब एएसपी मनिराम ने परिवार को आश्वासन दिया है कि उनके बेटे को जलद बरामद कर लिया जाएगा।