मंगलवार को बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम में पंडित केके शंखधार द्वारा एक साथ दो मुस्लिम युवतियों का शुद्धिकरण कराकर शादी कराई गई। युवतियों ने इस्लाम धर्म त्यागकर हिंदू लड़कों से शादी की है।
बरेली। मंगलवार को बरेली के अगस्त्य मुनि आश्रम में पंडित केके शंखधार द्वारा एक साथ दो मुस्लिम युवतियों का शुद्धिकरण कराकर शादी कराई गई। युवतियों ने इस्लाम धर्म त्यागकर हिंदू लड़कों से शादी की है। इसमें किला थाना क्षेत्र मोहल्ला जखीरा मूल निवासी रामपुर जिला के मोहल्ला गूजर टोला मियां खेल की रहने वाली महक खान ने अंश सक्सेना नाम के युवक से शादी की है। वहीं, दूसरी शादी बरेली के देवरनिया के ग्राम उदरा की रहने वाली रिया बी ने गांव के ही राहुल कुमार से की है। चारों युवक-युवतियां बालिग हैं। बिना किसी के जोर दवाब में आकर उन्होंने एक-दूसरे को जयमाला पहनाई और सात फेरे लेकर यह शादी अपनी इच्छा से की।
महक खानम बनीं सोनम सक्सेना
महक खानम ने बताया कि हमारी अंश से मुलाकात तब हुई जब वह हमारे पड़ोस की आंटी के घर पर आते जाते थे। वहीं से जान पहचान हुई और तभी फोन नंबरों का आदान-प्रदान हुआ फिर बातचीत होने लगी। इसी बीच दोनों ने शादी करने का फैसला किया। दोनों शादी करने को तैयार हो गए और मंगलवार को मढ़ीनाथ स्थित अगस्त्य मुनि आश्रम में जाकर उन्होंने शादी कर ली। महक खानम ने अपना नाम बदलकर अब सोनम सक्सेना रखा है।
रिफा बी बनीं अब रिया सागर
रिफा ने बताया कि वह पांच साल से राहुल को जानती हैं। वह स्कूल जाती थीं तो राहुल रास्ते में मिलते थे। एक दिन राहुल ने उनसे प्यार का इजहार किया, फिर दोनों ने शादी का मन बना लिया। मंगलवार को रिया और राहुल दोनों बरेली के मढ़ीनाथ स्थित अगस्त्य मुनि आश्रम पहुंचे। आचार्य केके शंखधार को अपनी मोहब्बत के बारे मे बताया। दोनों ने बालिग होने के प्रपत्र दिए। इसके बाद आचार्य ने रिफा बी का शुद्धिकरण कराकर विवाह कराया। रिफा ने अपना नाम बदलकर अब रिया सागर रखा है। रिया ने कहा कि मैं इस्लाम धर्म की हूं। रिफा ने कहा कि वैसे तो सभी धर्म अच्छे हैं। वह अच्छी बातें बताते हैं। परमात्मा एक ही है। बस लोग अपनी धारणा के मुताबिक अच्छी और बुरी बातें निकालते हैं।