हाफिजगंज थाना क्षेत्र के सेंथल कस्बे में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई के इंतकाल की खबर से गहरा शोक छा गया। शनिवार को शिया समुदाय ने गमगीन माहौल में इमामबाड़ा कला में मजलिस का आयोजन कर उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश की।
बरेली। हाफिजगंज थाना क्षेत्र के सेंथल कस्बे में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई के इंतकाल की खबर से गहरा शोक छा गया। शनिवार को शिया समुदाय ने गमगीन माहौल में इमामबाड़ा कला में मजलिस का आयोजन कर उन्हें खिराज-ए-अकीदत पेश की।
मजलिस के दौरान उलेमाओं ने खामेनेई को इस्लामी दुनिया का बड़ा रहनुमा बताते हुए कहा कि उनका निधन उम्मत के लिए बड़ी क्षति है। सोजख्वानी और तकरीरों के दौरान अकीदतमंदों की आंखें नम हो गईं। मजलिस में बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत कर दुआ-ए-मगफिरत की।
मजलिस के बाद अकीदतमंदों ने कस्बे में मातमी जुलूस निकाला। सीना-ज़नी करते हुए लोगों ने गम का इजहार किया। जुलूस में युवाओं, बुजुर्गों और बच्चों समेत बड़ी संख्या में शिया समुदाय के लोग शामिल हुए। रास्ते भर खामोशी और मातम का माहौल बना रहा। खामेनेई के इंतकाल पर शिया समुदाय के लोगों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। कस्बे के विभिन्न इमामबाड़ों में दिनभर मजलिसों का सिलसिला जारी रहा। पूरे इलाके में गमगीन फिजा रही और लोग उन्हें याद कर श्रद्धांजलि अर्पित करते नजर आए।