होली के त्योहार पर रंगों के साथ खाने-पीने की चीजों में भी मिलावट का काला खेल सामने आया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जांच रिपोर्ट ने शहर के बाजारों की हकीकत उजागर कर दी है। जांच में 72 में से 30 नमूने अधोमानक और 5 नमूने सीधे तौर पर असुरक्षित पाए गए हैं।
बरेली। होली के त्योहार पर रंगों के साथ खाने-पीने की चीजों में भी मिलावट का काला खेल सामने आया है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की जांच रिपोर्ट ने शहर के बाजारों की हकीकत उजागर कर दी है। जांच में 72 में से 30 नमूने अधोमानक और 5 नमूने सीधे तौर पर असुरक्षित पाए गए हैं, जिनमें खतरनाक केमिकल और रंगों की मिलावट मिली है। यह स्थिति साफ बताती है कि मुनाफे के लिए लोगों की सेहत से खुला खिलवाड़ किया जा रहा है।
विभाग ने 16 से 28 फरवरी तक विशेष अभियान चलाकर 46 प्रतिष्ठानों से 72 खाद्य नमूने लिए थे। जांच रिपोर्ट आने के बाद अब कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है। असुरक्षित पाए गए पांच नमूनों के मामले में दुकानदारों को नोटिस जारी किए जाएंगे और 30 दिन में जवाब मांगा जाएगा। इसके बाद सहायक आयुक्त की स्वीकृति से एसीजेएम प्रथम कोर्ट में मुकदमा दायर किया जाएगा। जिन 30 नमूनों को अधोमानक पाया गया है, उनके मामलों की सुनवाई एडीएम सिटी कोर्ट में होगी। इन मामलों में अधिकतम पांच लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। विभाग की इस कार्रवाई से बाजार में हड़कंप मचा हुआ है।
जांच में शीशगढ़ के नूरी ट्रेडर्स और परसाखेड़ा की एक दुकान से ली गई सौंफ में ब्रिलिएंट ब्लू जैसे हानिकारक रंग की मिलावट पाई गई। वहीं करगियाना गौटिया, सुभाषनगर से लिए गए सरसों के तेल में बटर यलो रंग मिला, जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है। शाहदाना के एनडी इंटरनेशनल से लिए गए रिफाइंड पाम ऑयल में आयोडीन की मिलावट सामने आई। वहीं नवाबगंज के बरौर स्थित एक प्रतिष्ठान से लिए गए बेसन में पीले रंग की मिलावट पाई गई, जिससे इसकी गुणवत्ता पूरी तरह प्रभावित हो गई।
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. वैभव शुक्ला ने चेतावनी दी है कि खाद्य पदार्थों में सिंथेटिक और केमिकल रंगों की अधिकता शरीर के लिए बेहद खतरनाक है। इससे कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वितीय अक्षय गोयल ने बताया कि होली के दौरान लिए गए नमूनों की रिपोर्ट हाल ही में आई है। पांच नमूने असुरक्षित और 30 अधोमानक पाए गए हैं। सभी मामलों में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए दोषियों पर मुकदमा दर्ज कर जुर्माना लगाया जाएगा।