नवाबगंज के बरखन मार्ग स्थित मोटर गैराज में चल रहे अवैध गैस रिफिलिंग के खतरनाक खेल ने आखिरकार चौथे मासूम की भी जान ले ली। मंगलवार को इलाज के दौरान फरमान (13) ने भी दम तोड़ दिया। इससे पहले साहिल रजा, अजीत और अर्शिल की मौत हो चुकी थी।
बरेली। नवाबगंज के बरखन मार्ग स्थित मोटर गैराज में चल रहे अवैध गैस रिफिलिंग के खतरनाक खेल ने आखिरकार चौथे मासूम की भी जान ले ली। मंगलवार को इलाज के दौरान फरमान (13) ने भी दम तोड़ दिया। इससे पहले साहिल रजा, अजीत और अर्शिल की मौत हो चुकी थी। एक ही हादसे में चार किशोरों की मौत से इलाके में मातम पसरा है और पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े हो गए हैं।
परिजनों के मुताबिक गैराज में लंबे समय से गैस सिलेंडरों की अवैध रिफिलिंग का खेल चल रहा था। पुलिस की नजरों से बचने के लिए यह पूरा धंधा बेसमेंट में किया जाता था। घटना वाले दिन भी चारों किशोरों को सिलेंडर उठाकर ईको गाड़ी में रखने के लिए बुलाया गया था, जो उनकी जिंदगी की आखिरी मजदूरी बन गई।
जैसे ही किशोर सिलेंडर उठाने लगे, अचानक गैस लीक होने लगी और एक चिंगारी ने पूरे बेसमेंट को आग के गोले में बदल दिया। चारों किशोर आग की लपटों में घिरकर बुरी तरह झुलस गए। गैराज मालिक महावीर भी आंशिक रूप से झुलस गया। हादसे के बाद सभी को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन एक-एक कर चारों मासूम जिंदगी की जंग हार गए। पहले अजीत (13), फिर अर्शिल (14), इसके बाद साहिल रजा (15) और अब मंगलवार को फरमान (13) की मौत ने पूरे शहर को झकझोर दिया है। चारों किशोरों की मौत ने अवैध गैस रिफिलिंग के नेटवर्क और प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
अजीत के पिता देवेंद्र कुमार फर्नीचर का काम करते हैं। बेटा घर चलाने में हाथ बंटाता था, लेकिन इस हादसे ने परिवार की कमर तोड़ दी। अन्य पीड़ित परिवारों में भी चीख-पुकार मची है। परिजनों ने गैराज मालिक पर लापरवाही और अवैध काम कराने का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है। गैराज में चल रहे अवैध गैस रिफिलिंग नेटवर्क को खंगाला जा रहा है और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। घटनास्थल पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।