बरेली। एयरपोर्ट के सामने होटल रेडिसन के विस्तारीकरण को लेकर विरोध शुरू हो गया है। होटल रेडिसन के बराबर खेत खलिहान की जमीन अवैध रूप से होटल में विलय करने का आरोप लगाते हुए हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारियों के साथ तमाम ग्रामीणों ने इसकी शिकायत एसडीएम से की है। एसडीएम ने मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
ग्राम समाज की जमीन पर है मंदिर और दसवां स्थल
हिंदू जागरण मंच ने दी चेतावनी, जमीन सुरक्षित नहीं हुई तो करेंगे धरना प्रदर्शन
बरेली। एयरपोर्ट के सामने होटल रेडिसन के विस्तारीकरण को लेकर विरोध शुरू हो गया है। होटल रेडिसन के बराबर खेत खलिहान की जमीन अवैध रूप से होटल में विलय करने का आरोप लगाते हुए हिंदू जागरण मंच के पदाधिकारियों के साथ तमाम ग्रामीणों ने इसकी शिकायत एसडीएम से की है। एसडीएम ने मामले में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
हिंदू जागरण मंच के महानगर अध्यक्ष दुर्गेश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में गांव वालों ने कहा पीलीभीत हाईवे बरेली पर मुड़िया अहमदनगर में होटल रेडिसन के पीछे गाटा संख्या 795, 801, 802 स्थित है। वह जमीन खलियान वाचक रोड में दर्ज है।
होटल रेडिशन के एमडी मेहताब सिद्दीकी द्वारा उक्त नंबरों की स्थानीय ग्राम प्रधान एवं ग्राम वासियों की विरोध के बावजूद भी साठगांठ करके पैमाइश कराई गई है। पूर्णतया अपराध की श्रेणी में आता है। रेडिशन के एमडी ग्राम समाज की जगह एवं चकरोड को अपने होटल में विलय करके अवैध कारोबार करने का प्रयास कर रहे हैं । उक्त चकरोड के पास एक मंदिर एवं हिंदू समाज का दसवां स्थल भी है। उपरोक्त गाटे में प्राचीन रास्ता है जो कि ग्रामीणों द्वारा प्रयोग में आता है। इस पूरे प्रकरण में समाज में अत्यंत आक्रोश है। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए ग्राम समाज की जगह पर होटल द्वारा किए जा रहे विलय के खिलाफ कार्रवाई कर ग्राम समाज की जमीन की जगह को सुरक्षित रखने की मांग की गई। ऐसा न होने पर समाज की सहभागिता से हमारा संगठन सड़क पर उतरने को मजबूर होगा। इसकी पूर्णतया जिम्मेदारी स्थानीय शासन प्रशासन की होगी। ज्ञापन के दौरान अंशुमान पटेल , दुर्गेश कुमार गुप्ता , गोपाल शर्मा , राकेश सिंह , अमित कुमार , राजीव कपूर आदि मौजूद रहे।
जमीन विनिमय का भेजा शासन को प्रस्ताव, डीएम ने कराई पैमाइश
होटल रेडिसन के एमडी मेहताब सिद्दीकी ने बताया कि होटल के पास धार्मिक स्थल को छोड़कर जो जमीन का रकबा है। उसके विनिमय के लिए उद्योग विभाग और डीएम के माध्यम से शासन को प्रस्ताव भेजा है। डीएम के निर्देश पर ही मौके पर जगह की पैमाइश की गई थी। जितनी जमीन हम होटल के लिए ले रहे हैं। हाईवे पर उससे महंगी और ज्यादा जमीन हम शासन को दे रहे हैं। किसी भी तरह के अवैध कब्जे या गलत तरीके से जमीन पर होटल बनाने के आरोप गलत हैं।