शहर में जमीन और कार कारोबार के नाम पर ठगी का बड़ा खेल सामने आया है। फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे प्लॉट बेचने के बाद मुनाफे का लालच देकर लाखों रुपये ऐंठ लिए गए।
बरेली। शहर में जमीन और कार कारोबार के नाम पर ठगी का बड़ा खेल सामने आया है। फर्जी और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे प्लॉट बेचने के बाद मुनाफे का लालच देकर लाखों रुपये ऐंठ लिए गए। पीड़ित की शिकायत पर डीआईजी अजय कुमार साहनी के आदेश पर बारादरी थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बारादरी के संतनगर निवासी राजेन्द्र सिंह के मुताबिक, रिजवान नाम के व्यक्ति ने परिचय के जरिए सस्ते दाम में प्लॉट दिलाने का भरोसा दिया। आरोप है कि प्रशांत गुप्ता और अभिषेक गुप्ता ने 7 लाख रुपये में प्लॉट का सौदा तय कराया। पीड़ित ने भरोसा कर 6 लाख रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर किए और इकरारनामा कराया। इसके बाद बैनामा भी कर दिया गया।
पीड़ित का कहना है कि प्लॉट सौदे के बाद आरोपियों ने सेकेंड हैंड कारों के व्यापार में मोटा मुनाफा दिलाने का लालच दिया। इसी झांसे में आकर अलग-अलग तारीखों में बैंक ट्रांजैक्शन और नकद मिलाकर करीब 8 लाख रुपये और दे दिए। बाद में आरोपियों ने और रकम की मांग करते हुए दबाव बनाना शुरू कर दिया। जांच में खुलासा हुआ कि जिस जमीन का बैनामा कराया गया, वह राजस्व रिकॉर्ड में सड़क के रूप में दर्ज है। इतना ही नहीं, उसी खसरा नंबर पर पहले भी फर्जी कागज बनाकर धोखाधड़ी का मामला दर्ज हो चुका है। जब पीड़ित कब्जा लेने पहुंचा तो वहां एक महिला ने खुद को असली मालिक बताते हुए अपना बैनामा दिखा दिया। इसके बाद ठगी की पूरी कहानी सामने आ गई।
पीड़ित के अनुसार, आरोपियों ने रकम लौटाने के नाम पर 8 लाख रुपये का चेक दिया, लेकिन खाते में पैसा नहीं था। जब पैसे की मांग की गई तो गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई। इसके बाद पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत डीआईजी से की। डीआईजी के निर्देश पर बारादरी थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे कड़ी कार्रवाई की जाएगी।