थाना इज्जतनगर क्षेत्र में पुलिस से नजदीकियां बनाकर खुद को ‘सिपाही’ बताने वाला एक शातिर जालसाज आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया।
बरेली। थाना इज्जतनगर क्षेत्र में पुलिस से नजदीकियां बनाकर खुद को ‘सिपाही’ बताने वाला एक शातिर जालसाज आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया। फर्जी वर्दी पहनकर इलाके में धौंस जमाने वाले आरोपी हसन खान की करतूत तब उजागर हुई, जब उसका अभद्र वीडियो वायरल हो गया। इसके बाद हिन्दू संगठनों के दबाव और अफसरों की सख्ती ने पुलिस को कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया।
आरोपी हसन खान कंजादास गांव का रहने वाला है और बैरियर-1 चौकी क्षेत्र में अक्सर पुलिसकर्मियों के बीच नजर आता था। स्थानीय लोगों के मुताबिक, उसकी पुलिस से इतनी नजदीकी थी कि लोग उसे असली सिपाही समझ बैठते थे। चर्चा है कि वह कई बार खुद को एसओजी का सदस्य बताकर लोगों पर रौब झाड़ता था। चौकी पुलिस के साथ उसकी ‘सेटिंग’ लंबे समय से चल रही थी।
रविवार रात हसन खान ने हद पार कर दी। एक शादी समारोह में डांस कर रहीं दूसरे समुदाय की महिलाओं पर उसने अभद्र टिप्पणियां कीं। इतना ही नहीं, कार चलाते हुए उसने खुद ही इसका वीडियो बनाया और अपमानजनक बातें रिकॉर्ड करता रहा। वीडियो में एक दरोगा के सामने भी वह बेफिक्र नजर आया और याराना अंदाज में वहां से निकल गया। वीडियो वायरल होते ही हिन्दू संगठनों में आक्रोश फैल गया। हिन्दू जागरण मंच के यूथ लीडर हिमांशु पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर वीडियो साझा कर कार्रवाई की मांग उठाई। मामला तूल पकड़ते ही अफसरों ने सख्त रुख अपनाया और तुरंत कार्रवाई के निर्देश जारी कर दिए।
अफसरों के निर्देश मिलते ही वही पुलिस हरकत में आई, जिससे आरोपी की नजदीकियां थीं। आनन-फानन में टीम ने हसन खान को तलाश कर थाने लाकर गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाने और फर्जी वर्दी पहनकर खुद को पुलिसकर्मी बताने का केस दर्ज किया गया है। सीओ थर्ड पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। वह फर्जी तरीके से पुलिस वर्दी पहनकर खुद को सिपाही बताता था। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।