रेलवे ने यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और आरामदायक सफर देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। शनिवार को बरेली जंक्शन से चलने वाली बरेली-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस में अत्याधुनिक एलएचबी कोच का संचालन शुरू कर दिया गया।
बरेली। रेलवे ने यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और आरामदायक सफर देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। शनिवार को बरेली जंक्शन से चलने वाली बरेली-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस में अत्याधुनिक एलएचबी कोच का संचालन शुरू कर दिया गया। स्टेशन पर रेलवे अधिकारियों ने झंडी दिखाकर ट्रेन को रवाना किया। इस दौरान प्लेटफॉर्म पर यात्रियों में खासा उत्साह दिखाई दिया।
एलएचबी (लिंक हॉफमैन बुश) कोच पारंपरिक आईसीएफ कोच के मुकाबले ज्यादा सुरक्षित माने जाते हैं। ये कोच एंटी-टेलीस्कोपिक तकनीक से लैस होते हैं। दुर्घटना की स्थिति में डिब्बे एक-दूसरे के ऊपर नहीं चढ़ते, जिससे जान-माल के नुकसान की आशंका काफी कम हो जाती है। इसके अलावा एलएचबी कोच में डिस्क ब्रेक प्रणाली का उपयोग किया गया है, जो तेज रफ्तार के दौरान भी ट्रेन को कम दूरी में रोकने में सक्षम होती है। इससे आपात स्थिति में नियंत्रण बेहतर रहता है।
एलएचबी कोच पारंपरिक कोच की तुलना में करीब दो मीटर लंबे होते हैं। इसकी वजह से इनमें सीटों की संख्या अधिक होती है, जिससे ज्यादा यात्रियों को सफर की सुविधा मिल सकेगी। बेहतर सस्पेंशन सिस्टम के चलते झटके कम लगते हैं, जिससे लंबी दूरी की यात्रा ज्यादा आरामदायक बनती है। यात्रियों ने भी पहले ही दिन सफर को ज्यादा स्मूद और सहज बताया। इन कोचों में बायो-टॉयलेट की सुविधा दी गई है, जिससे ट्रैक पर गंदगी नहीं फैलती और स्वच्छता बनी रहती है। रेलवे की ओर से स्वच्छ भारत मिशन के तहत चलाए जा रहे अभियान के अनुरूप यह कदम अहम माना जा रहा है।
बरेली-लोकमान्य तिलक एक्सप्रेस बरेली से मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनल तक संचालित होती है। यह ट्रेन प्रत्येक सप्ताह शनिवार को बरेली जंक्शन से रवाना होती है। नए कोच लगने से अब यात्रियों को लंबी दूरी की इस यात्रा में ज्यादा सुरक्षा और आराम का अनुभव मिलेगा। रेलवे अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि भविष्य में अन्य ट्रेनों में भी चरणबद्ध तरीके से एलएचबी कोच लगाए जाएंगे, ताकि यात्रियों को आधुनिक और सुरक्षित सफर की सुविधा मिल सके।