मंडलायुक्त भूपेंद्र एस चौधरी ने गुरुवार को मंडल में चल रहे विकास कार्यों और शासन की प्रमुख योजनाओं की समीक्षा करते हुए सख्त रुख अपनाया। लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे डॉक्टरों को अंतिम चेतावनी देने के निर्देश दिए गए।
बरेली। मंडलायुक्त भूपेंद्र एस चौधरी ने गुरुवार को मंडल में चल रहे विकास कार्यों और शासन की प्रमुख योजनाओं की समीक्षा करते हुए सख्त रुख अपनाया। लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे डॉक्टरों को अंतिम चेतावनी देने के निर्देश दिए गए। साफ कहा गया कि यदि वे ड्यूटी पर वापस नहीं लौटते हैं तो उनकी सेवाएं समाप्त कर दी जाएंगी।
विकास भवन सभागार में आयोजित बैठक में मुख्यमंत्री डैशबोर्ड की विस्तार से समीक्षा की गई। मंडलायुक्त ने सभी जिलों को अपनी रैंकिंग बनाए रखने और सुधारने के निर्देश दिए, ताकि मंडल की समग्र स्थिति प्रभावित न हो। बताया गया कि विभिन्न मानकों पर बरेली को सर्वाधिक डी ग्रेड प्राप्त हुए हैं, जिनमें सुधार के लिए अधिकारियों को विशेष प्रयास करने को कहा गया। संयुक्त कृषि निदेशक ने डिजिटल क्रॉप सर्वे शत-प्रतिशत पूरा होने की जानकारी दी।
फार्मर रजिस्ट्री के तहत जिलों को राज्य औसत से कम न रहने की हिदायत दी गई। पीएम कुसुम योजना की समीक्षा में बरेली में कार्य शत-प्रतिशत पूर्ण पाया गया। बदायूं में 460 के सापेक्ष 454, पीलीभीत में 577 के सापेक्ष 572 और शाहजहांपुर में 1126 के सापेक्ष 1118 कार्य पूरे होने की जानकारी दी गई। मंडलायुक्त ने 28 फरवरी तक तीनों जिलों में लक्ष्य शत-प्रतिशत पूरा कराने के निर्देश दिए।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की योजनाओं की भी गहन समीक्षा की गई। जिलाधिकारियों को निर्देशित किया गया कि जिला स्वास्थ्य समिति में व्यय और कार्यों की नियमित समीक्षा की जाए। अधिकारियों ने बताया कि बरेली के 14, बदायूं के 16, पीलीभीत के 8 और शाहजहांपुर के 25 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों का इंफ्रास्ट्रक्चर के दृष्टिकोण से निरीक्षण कराया गया है। कुछ स्थानों पर कमियां और फायर एनओसी लंबित पाई गई, जिन्हें शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए गए।
बैठक में सामने आया कि बरेली में 20, बदायूं में 9, पीलीभीत में 9 और शाहजहांपुर में 5 डॉक्टर लंबे समय से सेवाएं नहीं दे रहे हैं। मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि इन चिकित्सकों से तत्काल संपर्क किया जाए और समाचार पत्रों के माध्यम से सूचना प्रकाशित की जाए। इसके बावजूद उपस्थिति न होने पर सेवा समाप्ति की कार्रवाई की जाएगी, ताकि रिक्त पदों की सूचना शासन को भेजी जा सके।
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के अंतर्गत रिक्त पदों, सैम-मैम बच्चों की स्थिति और पोषक आहार वितरण की भी समीक्षा हुई। मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि पोषक आहार की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए समय-समय पर जांच कराई जाए। बैठक में डीएम बरेली अविनाश सिंह, डीएम बदायूं अवनीश राय, डीएम शाहजहांपुर धर्मेंद्र प्रताप सिंह, विभिन्न जिलों के सीडीओ, सीएमओ और मंडल स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।