शहर में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिला बदर घोषित बदमाश ऋषभ ठाकुर ने अपने साथियों के साथ मिलकर छात्रा के साथ घूम रहे दूसरे समुदाय के युवक की सरेआम पिटाई कर दी। इतना ही नहीं, युवक से जबरन नकद और ऑनलाइन पैसे भी वसूले गए।
बरेली। शहर में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाला एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिला बदर घोषित बदमाश ऋषभ ठाकुर ने अपने साथियों के साथ मिलकर छात्रा के साथ घूम रहे दूसरे समुदाय के युवक की सरेआम पिटाई कर दी। इतना ही नहीं, युवक से जबरन नकद और ऑनलाइन पैसे भी वसूले गए। दबंगई दिखाने के लिए आरोपियों ने खुद ही वीडियो बनाकर वायरल कर दिया, जो उनके लिए ही सबूत बन गया।
कैंट थाना क्षेत्र में शनिवार शाम शोएब नाम का युवक अपने पड़ोस की छात्रा के साथ टहल रहा था। इसी दौरान वीरांगना चौक के पास पहले से घात लगाए बैठे ऋषभ ठाकुर और उसके साथी कन्हैया व आकाश ने दोनों को रोक लिया। पूछताछ के दौरान छात्रा ने युवक को अपना परिचित बताया, लेकिन आरोपियों ने बात अनसुनी कर दी और युवक पर हमला बोल दिया।
प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक आरोपियों ने युवक को पीटते हुए उससे जबरन धार्मिक नारे लगवाए। इस दौरान छात्रा ने बचाव की कोशिश की तो उसके साथ भी अभद्रता की गई। माहौल बिगड़ता देख आरोपियों ने छात्रा के पिता को मौके पर बुलाया और लड़की को उनके साथ भेज दिया। मारपीट के बाद बदमाशों ने युवक को नहीं छोड़ा। उसकी जेब से करीब 7 हजार रुपये निकाल लिए और 2 हजार रुपये ऑनलाइन भी अपने खाते में ट्रांसफर करा लिए। इस तरह पूरी घटना को धमकी और वसूली का माध्यम बनाया गया।
घटना के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी थी, लेकिन पहचान स्पष्ट नहीं हो पा रही थी। इसी बीच रविवार सुबह ऋषभ ठाकुर ने खुद ही पिटाई का वीडियो अपनी आईडी से वायरल कर दिया। यही वीडियो उसके खिलाफ सबसे बड़ा सबूत बन गया और पुलिस सीधे आरोपियों तक पहुंच गई। बताया जा रहा है कि खुद को ‘हिंदूवादी नेता’ के रूप में स्थापित करने के लिए उसने यह वीडियो वायरल किया था।
ऋषभ ठाकुर पहले से ही जिला बदर घोषित है, इसके बावजूद शहर में सक्रिय होकर माहौल बिगाड़ रहा था। उस पर बारादरी, सुभाषनगर और प्रेमनगर समेत कई थानों में मुकदमे दर्ज हैं। हाल ही में स्पा सेंटर से वसूली के मामले में भी वह जेल जा चुका है। एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि वायरल वीडियो और पीड़ित के बयान के आधार पर ऋषभ ठाकुर, कन्हैया और आकाश को गिरफ्तार कर लिया गया है। मोबाइल फोन जब्त कर आर्थिक लेन-देन की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यह पूरा गैंग धर्म और जाति के नाम पर लोगों को निशाना बनाकर मारपीट और वसूली करता था। जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जाएगी।