सऊदी अरब में उमरा के दौरान काज़ी-उल-हिन्दुस्तान मुफ्ती असजदरजा खां को हिरासत में लिए जाने की सोशल मीडिया पर फैली खबरों के बीच बुधवार को स्थिति साफ हो गई।
बरेली। सऊदी अरब में उमरा के दौरान काज़ी-उल-हिन्दुस्तान मुफ्ती असजदरजा खां को हिरासत में लिए जाने की सोशल मीडिया पर फैली खबरों के बीच बुधवार को स्थिति साफ हो गई। जमात रजा-ए-मुस्तफा ने स्पष्ट किया कि रियाद में सब कुछ सामान्य है और काज़ी-उल-हिन्दुस्तान 14 मार्च को भारत के लिए रवाना होकर 15 मार्च तक बरेली पहुंच जाएंगे। इस बयान के बाद अकीदतमंदों और अनुयायियों में फैली चिंता काफी हद तक दूर हो गई।
दरअसल, उमरा के लिए सऊदी अरब पहुंचे बरेली मसलक के उलेमा और जायरीन के बीच रियाद में मिलाद शरीफ और इफ्तार का आयोजन किया गया था। इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। बताया जाता है कि कार्यक्रम के दौरान भीड़ अधिक होने और कुछ जगहों पर नारेबाजी की सूचना मिलने के बाद सऊदी पुलिस मौके पर पहुंच गई। इसके बाद वहां मौजूद लोगों से पूछताछ की गई।
यही घटना सोशल मीडिया पर अलग-अलग रूप में सामने आई और कुछ पोस्ट में दावा किया गया कि काज़ी-उल-हिन्दुस्तान को हिरासत में ले लिया गया है। देखते ही देखते यह खबर वायरल हो गई और बरेली समेत देश के कई हिस्सों में हलचल मच गई।
खबर फैलते ही बरेली, रामपुर, मुरादाबाद और महाराष्ट्र तक के अकीदतमंदों में बेचैनी बढ़ गई। कई लोग लगातार जानकारी लेने की कोशिश करते रहे। हालांकि बाद में सामने आया कि पुलिस की कार्रवाई केवल पूछताछ तक सीमित थी और किसी को औपचारिक रूप से हिरासत में नहीं लिया गया था। सूत्रों के अनुसार सऊदी अरब में इन दिनों भीड़ और सार्वजनिक कार्यक्रमों को लेकर सुरक्षा एजेंसियां काफी सतर्क रहती हैं। इसी वजह से इफ्तार कार्यक्रम में अचानक बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की सूचना मिलने पर पुलिस वहां पहुंची और औपचारिक पूछताछ की।
मामले को लेकर जमात के राष्ट्रीय महासचिव फरमान मियां ने कहा कि काज़ी-उल-हिन्दुस्तान पूरी तरह सुरक्षित हैं और उन्हें हिरासत में लेने की खबरें गलत हैं। उनके अनुसार 14 मार्च को वह भारत के लिए रवाना होंगे और 15 मार्च तक बरेली पहुंच जाएंगे। काज़ी-उल-हिन्दुस्तान मदीना में हैं और उनका उमरा कार्यक्रम सामान्य रूप से जारी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों से बचने की अपील भी की।
स्थिति स्पष्ट होने के बाद बरेली में उनके अनुयायियों और अकीदतमंदों ने राहत की सांस ली है। अब 15 मार्च को उनके बरेली लौटने की खबर से स्वागत की तैयारियां भी शुरू हो गई हैं। धार्मिक संगठनों से जुड़े लोगों का कहना है कि काज़ी-उल-हिन्दुस्तान के वापस आने पर उनसे पूरे घटनाक्रम की जानकारी भी ली जाएगी। फिलहाल जमात रजा-ए-मुस्तफा ने साफ कर दिया है कि सऊदी अरब में सब कुछ सामान्य है और सोशल मीडिया पर फैली खबरें केवल अफवाह थीं।