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जनसुनवाई में खाली कुर्सी, जनता इंतजार करती रही , थानाध्यक्ष गायब, वीडियो मॉनिटरिंग में खुली पोल, SSP ने  किया सस्पेंड

पुलिस महकमे में अनुशासन को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए एसएसपी ने बिशारतगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक को बड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ा।

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बरेली। पुलिस महकमे में अनुशासन को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए एसएसपी ने बिशारतगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक को बड़ी कार्रवाई का सामना करना पड़ा। जनसुनवाई के दौरान गैरहाजिर रहने और बिना अनुमति क्षेत्र से बाहर पाए जाने पर एसओ सतीश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच भी बैठा दी गई है।

जनसुनवाई की निगरानी में खुली लापरवाही

दरअसल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक की ओर से रोजाना सुबह 10 से 12 बजे तक होने वाली जनसुनवाई की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मॉनिटरिंग की जाती है। मंगलवार को भी इसी प्रक्रिया के तहत सभी थानों की स्थिति देखी जा रही थी। इसी दौरान बिशारतगंज थाने की स्क्रीन पर जो तस्वीर सामने आई, उसने अधिकारियों को चौंका दिया। जांच में पाया गया कि थानाध्यक्ष उपनिरीक्षक सतीश कुमार स्वयं जनसुनवाई में मौजूद नहीं थे। उनकी जगह वरिष्ठ उपनिरीक्षक को कुर्सी पर बैठाकर औपचारिकता निभाई जा रही थी। यह स्थिति सामने आते ही अधिकारियों ने तत्काल मामले की पड़ताल शुरू कर दी।

बिना अनुमति क्षेत्र से बाहर थे एसओ

प्राथमिक जांच में खुलासा हुआ कि एसओ सतीश कुमार न केवल जनसुनवाई से गैरहाजिर थे, बल्कि बिना किसी अनुमति के थाना क्षेत्र से भी बाहर चले गए थे। यह स्थिति तब सामने आई जब जनसुनवाई में पहुंचे लोगों की शिकायतों के निस्तारण में भी लापरवाही पाई गई। सूत्रों के मुताबिक, कई फरियादी अपनी समस्याएं लेकर थाने पहुंचे थे, लेकिन प्रभारी अधिकारी के न होने से उन्हें निराश होकर लौटना पड़ा। शासन स्तर पर जनसुनवाई को सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकताओं में शामिल किया गया है। ऐसे में इस प्रक्रिया में लापरवाही को बेहद गंभीर माना गया।

एसएसपी ने दिखाई सख्ती

मामले को गंभीरता से लेते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एसओ सतीश कुमार को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। एसएसपी ने स्पष्ट कहा कि जनसुनवाई शासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जनता की समस्याओं के समाधान में ढिलाई दिखाने वाले अधिकारियों पर इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।