बरेली कॉलेज के राजनीति शास्त्र विभाग में अतिथि प्रवक्ता रहे डॉ. मिन्नी यादव की सड़क हादसे में मौत हो गई। यह हादसा उनके गृह जनपद जौनपुर में हुआ, जहां डंपर से टक्कर के बाद उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
बरेली। बरेली कॉलेज के राजनीति शास्त्र विभाग में अतिथि प्रवक्ता रहे डॉ. मिन्नी यादव की सड़क हादसे में मौत हो गई। यह हादसा उनके गृह जनपद जौनपुर में हुआ, जहां डंपर से टक्कर के बाद उनकी मौके पर ही मौत हो गई। दुखद खबर मिलते ही बरेली कॉलेज परिसर में शोक की लहर दौड़ गई। प्रोफेसर, कर्मचारी, छात्रनेता और छात्र सभी गमगीन नजर आए।
जानकारी के अनुसार डॉ. मिन्नी यादव अपने भाई राजेंद्र यादव के साथ जौनपुर से लौट रहे थे। सुजानगंज थाना क्षेत्र के बाहरपुरकला गांव के पास उनकी कार की डंपर से जोरदार टक्कर हो गई। हादसा इतना भीषण था कि 42 वर्षीय डॉ. मिन्नी यादव की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए लखनऊ के पीजीआई में भर्ती कराया गया है।
डॉ. मिन्नी यादव मूल रूप से जौनपुर के रहने वाले थे, लेकिन उनका बरेली से गहरा जुड़ाव था। उनके भाई बरेली में पीडब्ल्यूडी विभाग में तैनात थे, जिसके चलते उनका परिवार यहीं बस गया। उन्होंने बरेली कॉलेज से ही पढ़ाई की और छात्र राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। पढ़ाई पूरी करने के बाद वह इसी कॉलेज में अतिथि प्रवक्ता के रूप में पढ़ाने लगे थे। पूर्व छात्रसंघ महामंत्री डॉ. हृदेश यादव ने बताया कि मिन्नी यादव छात्र राजनीति में बेहद सक्रिय रहे। वह किसी एक दल से नहीं, बल्कि छात्रों के नेता के रूप में जाने जाते थे। सक्रिय छात्र नेताओं की हर संभव मदद करना उनकी पहचान थी।
राजनीति शास्त्र विभाग की प्रोफेसर डॉ. नीलम गुप्ता ने बताया कि दो दिन पहले ही उनसे बातचीत हुई थी और उनकी परीक्षा ड्यूटी भी लगी थी। अचानक आई इस खबर पर पहले तो किसी को यकीन ही नहीं हुआ। असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. राजीव यादव समेत कॉलेज के कई शिक्षकों और छात्रों ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। डॉ. मिन्नी यादव की असमय मौत से बरेली कॉलेज का माहौल पूरी तरह गमगीन हो गया है। पुराने छात्र नेताओं से लेकर वर्तमान छात्रों तक हर कोई उन्हें याद कर भावुक हो रहा है। एक मिलनसार, मददगार और सक्रिय शिक्षक का यूं अचानक चले जाना पूरे कैंपस के लिए गहरा सदमा बन गया है।