शहर में अपराधियों और हादसों से जंग लड़ रही पुलिस को एक बार फिर रफ्तार का नया हथियार मिल गया है। जिले को एक साथ 16 नई यूपी-112 स्कॉर्पियो गाड़ियों की सौगात मिली है। दफ्तर से एसएसपी अनुराग आर्य ने इन्हें हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तो पुलिस महकमे में जोश साफ नजर आया।
बरेली। शहर में अपराधियों और हादसों से जंग लड़ रही पुलिस को एक बार फिर रफ्तार का नया हथियार मिल गया है। जिले को एक साथ 16 नई यूपी-112 स्कॉर्पियो गाड़ियों की सौगात मिली है। दफ्तर से एसएसपी अनुराग आर्य ने इन्हें हरी झंडी दिखाकर रवाना किया तो पुलिस महकमे में जोश साफ नजर आया।
कार्यक्रम में एसएसपी अनुराग आर्य, एसपी ट्रैफिक मो. अकमल खान, एसपी साउथ अंशिका वर्मा और सीओ प्रथम आशुतोष शिवम समेत तमाम अधिकारी मौजूद रहे। एसएसपी ने साफ कहा कि नई गाड़ियों के बेड़े में शामिल होने से पुलिस का रिस्पॉन्स टाइम में बड़ा सुधार होगा। किसी भी वारदात या हादसे की सूचना मिलते ही यूपी-112 की टीमें अब पहले से कहीं ज्यादा तेजी से मौके पर पहुंचेंगी। पुलिस का मानना है कि तेज रफ्तार और आधुनिक सुविधाओं से लैस ये स्कॉर्पियो गाड़ियां अपराधियों पर मनोवैज्ञानिक दबाव भी बनाएंगी। शहर से लेकर देहात तक गश्त तेज होगी। चेन स्नेचिंग, लूट, सड़क झगड़ों और महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों में तत्काल हस्तक्षेप संभव होगा। अब सूचना और एक्शन के बीच की दूरी घटेगी।
सड़क दुर्घटनाओं में अक्सर देरी जानलेवा साबित होती है। नई स्कॉर्पियो गाड़ियां तेज रफ्तार और बेहतर संचार प्रणाली से लैस हैं, जिससे टीम घटना स्थल पर तुरंत पहुंचेगी और घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। ‘गोल्डन आवर’ को बचाने की यह कोशिश कई जिंदगियां बचा सकती है। इन 16 नई गाड़ियों के सड़कों पर उतरते ही शहर ही नहीं, बल्कि देहात क्षेत्रों में भी पुलिस की मौजूदगी मजबूत होगी। अधिकारी मानते हैं कि यह कदम कानून-व्यवस्था को धार देने के साथ जनता में सुरक्षा का भरोसा भी बढ़ाएगा। बरेली में अब 112 सिर्फ एक नंबर नहीं, बल्कि तेज रफ्तार भरोसे की पहचान बनने जा रहा है।