शहर में वैवाहिक समारोहों में घरेलू एलपीजी सिलिंडर के इस्तेमाल पर प्रशासन की सख्ती ने आयोजकों और कैटरर्स की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
बरेली। शहर में वैवाहिक समारोहों में घरेलू एलपीजी सिलिंडर के इस्तेमाल पर प्रशासन की सख्ती ने आयोजकों और कैटरर्स की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। जिला पूर्ति विभाग की चेतावनी के बाद बरातघर संचालकों ने साफ कर दिया है कि अब हॉल के भीतर सिर्फ व्यावसायिक सिलिंडर से ही खाना बनेगा।
दरअसल, एलपीजी की किल्लत के चलते घरेलू उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए शादी-ब्याह, होटल, रेस्टोरेंट, ढाबों और ठेलों पर घरेलू सिलिंडर के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाया गया है। जिला पूर्ति विभाग ने साफ किया है कि निरीक्षण के दौरान घरेलू सिलिंडर का प्रयोग पकड़े जाने पर नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
मंगलवार को जारी सार्वजनिक नोटिस के बाद बैंक्वेट हॉल एसोसिएशन सक्रिय हो गया। एसोसिएशन ने सभी संचालकों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी स्थिति में घरेलू सिलिंडर का उपयोग न होने दें। बुधवार को संचालकों ने बुकिंग कराने वाले लोगों को फोन कर स्पष्ट कर दिया कि हॉल में केवल कमर्शियल सिलिंडर ही इस्तेमाल होगा। कैटरिंग कारोबार से जुड़े अमन गुप्ता और सूरज गुप्ता का कहना है कि प्रशासन द्वारा व्यावसायिक सिलिंडर उपलब्ध कराए जाने से थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन मांग के मुकाबले आपूर्ति बेहद कम है। छह से आठ सिलिंडर की जरूरत के मुकाबले महज तीन-चार ही मिल पा रहे हैं, जिससे आयोजन प्रभावित हो रहे हैं।
सिलिंडर की कमी को देखते हुए कैटरर्स ने अपनी कार्यशैली में बदलाव शुरू कर दिया है। अब हाफ-फ्राई होने वाले पकवानों को पहले से तैयार किया जा रहा है और मिठाइयां भी आयोजन स्थल पर कम बनाने की योजना बनाई जा रही है, ताकि गैस की खपत कम हो सके। बैंक्वेट हॉल एसोसिएशन के संरक्षक गोपेश अग्रवाल ने बताया कि पहले कई आयोजकों ने रिश्तेदारों और पड़ोसियों से घरेलू सिलिंडर लेकर व्यवस्था की थी, लेकिन अब प्रतिबंध के बाद उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई जगह इसको लेकर नोकझोंक की स्थिति भी बन रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि हॉल के अंदर किसी भी कीमत पर घरेलू सिलिंडर से खाना नहीं बनने दिया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने पर एसोसिएशन भी कोई सहयोग नहीं करेगा।