विकास भवन सभागार मंगलवार को शिक्षामित्रों के सम्मान और खुशी का गवाह बना, जब जिले के 2824 शिक्षामित्रों को बढ़े हुए मानदेय के तहत 18 हजार रुपये के प्रतीकात्मक चेक देकर सम्मानित किया गया।
बरेली। विकास भवन सभागार मंगलवार को शिक्षामित्रों के सम्मान और खुशी का गवाह बना, जब जिले के 2824 शिक्षामित्रों को बढ़े हुए मानदेय के तहत 18 हजार रुपये के प्रतीकात्मक चेक देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मौजूद जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने दीप प्रज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे शिक्षामित्रों के लिए यह दिन किसी उत्सव से कम नहीं रहा।
कार्यक्रम की शुरुआत मंडलायुक्त भूपेंद्र एस चौधरी और जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने दीप प्रज्वलित कर की। इसके बाद जैसे ही मंच से शिक्षामित्रों को बुलाकर प्रतीकात्मक चेक सौंपे गए, सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। शिक्षामित्रों के चेहरों पर संतोष और खुशी साफ नजर आई।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने के फैसले के बाद यह समारोह उनके योगदान को सम्मान देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। प्रतीकात्मक रूप से 18 हजार रुपये का चेक सौंपकर सरकार के निर्णय को जमीनी स्तर पर लागू करने का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षामित्र प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव हैं।
कार्यक्रम में सांसद छत्रपाल गंगवार, वन एवं पर्यावरण मंत्री डॉ. अरुण कुमार, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल, विधायक डीसी वर्मा, डॉ. एमपी आर्या, एमएलसी बहोरन लाल मौर्य और कुंवर महाराज सिंह ने शिक्षामित्रों को चेक वितरित किए। सभी जनप्रतिनिधियों ने शिक्षामित्रों की भूमिका को अहम बताते हुए कहा कि उनके बिना शिक्षा व्यवस्था की कल्पना अधूरी है।
इस मौके पर मुख्य विकास अधिकारी देवयानी समेत कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि सरकार शिक्षामित्रों के हितों को लेकर संवेदनशील है और उनके कल्याण के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। समारोह के अंत में शिक्षामित्रों ने सरकार के इस फैसले पर आभार जताया और उम्मीद जताई कि आगे भी उनके हितों का ध्यान रखा जाएगा।