यूपी दिवस-2026 और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के मौके पर होने वाले ब्लैकआउट से पहले प्रशासन ने अपनी तैयारियां परख लीं। गुरुवार शाम कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाकों में ब्लैकआउट मॉकड्रिल कराई गई।
बरेली। यूपी दिवस-2026 और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के मौके पर होने वाले ब्लैकआउट से पहले प्रशासन ने अपनी तैयारियां परख लीं। गुरुवार शाम कलेक्ट्रेट परिसर और आसपास के इलाकों में ब्लैकआउट मॉकड्रिल कराई गई। हवाई हमले जैसी आपात स्थिति से निपटने के लिए सिविल डिफेंस ने रिहर्सल के जरिए पूरे सिस्टम को कसकर परखा।
मॉकड्रिल के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर की बाहरी-भीतरी सभी लाइटें एक साथ बंद कर दी गईं। आसपास के सरकारी दफ्तरों, चेम्बरों और रिहायशी इलाकों में भी अंधेरा छा गया। किसी भी स्थान से रोशनी बाहर न जाए, इसके लिए सख्त निगरानी की गई। खिड़कियों-दरवाजों को पर्दों और काले कागज से ढकने का अभ्यास भी कराया गया, ताकि ब्लैकआउट पूरी तरह सफल रहे।
मॉकड्रिल के दौरान लोगों को घरों में रहने, मोबाइल फ्लैश, टॉर्च, माचिस और सिगरेट का इस्तेमाल न करने की हिदायत दी गई। अफरा-तफरी न मचाने और पूरी तरह शांत रहने पर जोर दिया गया। प्रशासन का साफ संदेश था आपात स्थिति में लापरवाही भारी पड़ सकती है। इस रिहर्सल का मकसद युद्ध या हवाई हमले जैसी स्थिति में नागरिकों और प्रशासन की प्रतिक्रिया को परखना रहा। सायरन, अंधेरा और सन्नाटा सब कुछ वास्तविक हालात जैसा बनाने की कोशिश की गई, ताकि किसी भी खतरे से निपटने में चूक न हो।
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि मुख्य ब्लैकआउट मॉकड्रिल 23 जनवरी को शाम 6 बजे से 6:10 बजे तक होगी। इस दौरान शहर की लाइटें बंद रहेंगी, सायरन बजेंगे और प्रमुख चौराहों पर यातायात रोका जाएगा। जिलाधिकारी अविनाश सिंह ने कहा कि इस तरह के अभ्यास नागरिक सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी हैं। उन्होंने आमजन से अपील की कि कल होने वाले ब्लैकआउट के दौरान पूरी गंभीरता दिखाएं और नियमों का पालन करें।