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मंत्री की नाराजगी के बाद बिजली विभाग में खलबली, स्मार्ट चौपाल विवाद पर कंपनी को नोटिस जारी, पीआर मैनेजर होगा बर्खास्त

वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार के कार्यक्रम स्थल से बिना उद्घाटन लौटने के बाद विभाग ने पूरे मामले में सख्त रुख अपनाया है। जांच में सामने आया कि स्मार्ट मीटर कंपनी के पीआर मैनेजर ने बिना विभाग को बताए ही कार्यक्रम आयोजित कर दिया और मंत्री को भी आमंत्रित कर दिया।

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मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश

बरेली। संजयनगर में हुए स्मार्ट चौपाल विवाद के बाद बिजली विभाग में खलबली मच गई है। वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार के कार्यक्रम स्थल से बिना उद्घाटन लौटने के बाद विभाग ने पूरे मामले में सख्त रुख अपनाया है। जांच में सामने आया कि स्मार्ट मीटर कंपनी के पीआर मैनेजर ने बिना विभाग को बताए ही कार्यक्रम आयोजित कर दिया और मंत्री को भी आमंत्रित कर दिया। मामले को गंभीर मानते हुए मुख्य अभियंता ने कंपनी को नोटिस जारी कर दिया है।

मंत्री पहुंचे, अफसर गायब… चौपाल बना विवाद का कारण

संजयनगर के एक बैंक्वेट हॉल में शनिवार को स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याएं सुनने के लिए स्मार्ट चौपाल का आयोजन किया गया था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार को बुलाया गया था। लेकिन जब मंत्री कार्यक्रम स्थल पर पहुंचे तो बिजली विभाग का कोई भी जिम्मेदार अधिकारी वहां मौजूद नहीं था। इससे नाराज मंत्री बिना उद्घाटन किए ही कार्यक्रम स्थल से लौट गए। इस घटना के बाद पूरे मामले ने तूल पकड़ लिया।

बिना बताए तय कर दी चौपाल की तारीख

जांच में सामने आया कि स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी इन्टेली स्मार्ट के पीआर मैनेजर अनुराग सिंह ने 14 मार्च को संजयनगर में स्मार्ट चौपाल की तारीख खुद तय कर दी थी। बताया गया कि कार्यक्रम की जानकारी न तो लिखित रूप से और न ही मौखिक रूप से बिजली विभाग के अधिकारियों को दी गई थी। इसके बावजूद कार्यक्रम आयोजित कर दिया गया और मंत्री को भी बुला लिया गया।

खुद को बताया विभाग का पीआरओ

मामले में यह भी सामने आया कि अनुराग सिंह ने कार्यक्रम के दौरान अपना परिचय मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) के रूप में दिया, जबकि विभाग में इस नाम का कोई अधिकारी उस पद पर तैनात नहीं है। विभाग ने इसे प्रोटोकॉल का गंभीर उल्लंघन बताते हुए कहा कि इस तरह के कृत्य से विभाग की छवि धूमिल हुई है।

मुख्य अभियंता ने कंपनी को जारी किया नोटिस

पूरे प्रकरण के बाद मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने कंपनी के प्रोजेक्ट हेड को नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि भविष्य में किसी भी प्रकार का कार्यक्रम आयोजित करने से पहले विभाग को लिखित रूप से अवगत कराना और अनुमति लेना अनिवार्य होता है। साथ ही कंपनी को चेतावनी दी गई है कि इस तरह की लापरवाही दोबारा सामने आई तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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