बरेली

सलामी के साथ मिली सपनों को उड़ान… 783 महिला रंगरूट बनीं सिपाही, PAC के 364 जवानों ने भी पहनी वर्दी

रविवार की सुबह बरेली पुलिस लाइन में उत्साह, अनुशासन और गर्व का अद्भुत संगम देखने को मिला। नौ महीने की कड़ी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद 783 महिला रंगरूट पासिंग आउट परेड में सिपाही बनकर पुलिस महकमे का हिस्सा बन गईं।

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Apr 26, 2026

बरेली। रविवार की सुबह बरेली पुलिस लाइन में उत्साह, अनुशासन और गर्व का अद्भुत संगम देखने को मिला। नौ महीने की कड़ी ट्रेनिंग पूरी करने के बाद 783 महिला रंगरूट पासिंग आउट परेड में सिपाही बनकर पुलिस महकमे का हिस्सा बन गईं। इसी के साथ पीएसी आठवीं बटालियन में 364 प्रशिक्षु रंगरूटों ने भी वर्दी पहनकर सेवा की नई शुरुआत की। परेड मैदान में गूंजते कदमों और सलामी के बीच पूरे माहौल में जोश साफ झलक रहा था।

पुलिस लाइन में आयोजित भव्य परेड के मुख्य अतिथि रमित शर्मा रहे। उन्होंने परेड की सलामी ली और जवानों को कर्तव्य, निष्ठा और अनुशासन का पाठ पढ़ाया। उनके साथ अनुराग आर्य भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने कहा कि वर्दी केवल अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का प्रतीक है, जिसे पूरी ईमानदारी से निभाना होगा।

796 ने दी आमद, 783 को मिली तैनाती

आरआई हरमीत सिंह के अनुसार, पुलिस लाइन को 800 महिला रंगरूटों का आवंटन मिला था, जिसमें से 796 ने आमद दर्ज कराई। प्रशिक्षण के दौरान कुछ अभ्यर्थियों ने अन्य सेवाओं में चयन या निजी कारणों से छोड़ दिया। अंततः 783 महिला सिपाहियों को तैनाती मिली, जिनमें 292 को बरेली जिले के थानों में ही नियुक्त किया जाएगा। इससे जिले के हर थाने में औसतन 48 नए सिपाहियों की ताकत बढ़ेगी। पासिंग आउट के बाद मैदान जश्न के रंग में डूब गया। सिर पर पगड़ी, हाथ में सर्टिफिकेट और चेहरे पर गर्व—हर तरफ खुशी ही खुशी नजर आई। महिला सिपाहियों ने अपने माता-पिता के सिर पर पगड़ी रखकर सम्मान जताया, सेल्फी ली और पगड़ी उछालकर सफलता का जश्न मनाया। ज्यादातर रंगरूट गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों से थीं, जिनके लिए यह पल सपनों के सच होने जैसा था।

गर्मी भी नहीं तोड़ पाई हौसला

भीषण गर्मी के बावजूद रंगरूटों का जोश कम नहीं हुआ। परेड के दौरान अनुशासन और तालमेल ऐसा रहा कि हर कदम पर मेहनत और लगन साफ दिखाई दी। नए सिपाहियों ने इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुओं और परिवार को दिया। वहीं पीएसी आठवीं बटालियन में आयोजित परेड में मोदक राजेश डी राव ने सलामी ली और कमांडेंट आकाश तोमर के साथ निरीक्षण किया। यहां 400 में से 394 रंगरूटों ने आमद दर्ज कराई थी, जिनमें से 364 ने प्रशिक्षण पूरा कर सिपाही का दर्जा हासिल किया। सभी को प्रदेश के विभिन्न जिलों में तैनाती के पत्र सौंपे गए।

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