शहर से देहात तक अपराध की जड़ों में बारूद भर चुके बदमाशों पर पुलिस ने नकेल कस दी है। एसएसपी अनुराग आर्य के नेतृत्व में चल रहे ‘ऑपरेशन HS’ ने अपराधियों की कमर तोड़ दी है।
बरेली। शहर से देहात तक अपराध की जड़ों में बारूद भर चुके बदमाशों पर पुलिस ने नकेल कस दी है। एसएसपी अनुराग आर्य के नेतृत्व में चल रहे ‘ऑपरेशन HS’ ने अपराधियों की कमर तोड़ दी है। बरेली में 17 और शातिर अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोल दी गई, जिसके साथ ही कुल संख्या 375 के पार पहुंच गई। पीलीभीत बाईपास गैंगवार का मुख्य सरगना राजीव राणा को भी आधिकारिक तौर पर हिस्ट्रीशीटर घोषित कर दिया गया है। विधायकों और नेताओं की पैरवी काम नहीं आई।
22 जून 2024 को इज्जतनगर थाना क्षेत्र के पीलीभीत बाईपास पर हुई गैंगवार आज भी शहर के जेहन में ताजा है। जमीन कब्जे की जंग में दो गुट आमने-सामने आए और हाईवे पर गोलियों की बौछार कर दी गई। आधे घंटे तक रुक-रुककर चली फायरिंग में 100 से ज्यादा राउंड गोलियां दागी गईं। एक घर की दीवार में ही 16 गोलियां धंसी मिली थीं। पुलिस के पहुंचने पर भी हमलावर नहीं रुके थे बेख़ौफ अंदाज में तांडव जारी रहा। अब उसी कांड का मास्टरमाइंड राजीव राणा हिस्ट्रीशीटर बन चुका है। उसके खिलाफ हत्या के प्रयास और धोखाधड़ी समेत करीब 10 मुकदमे दर्ज हैं।
एसएसपी के सख्त रुख का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि महज तीन दिन में 42 अपराधियों की हिस्ट्रीशीट खोल दी गई। अब कोई भी अपराधी रिकॉर्ड से बाहर नहीं बचेगा। हर 15 दिन में हिस्ट्रीशीटर की गतिविधियों की समीक्षा होगी और यक्ष एप के जरिए उन पर डिजिटल निगरानी रखी जाएगी।
पुलिस की लिस्ट में कई कुख्यात चेहरे शामिल हैं। इनमें
इन सभी पर अब सख्त निगरानी रहेगी और थाने में नियमित हाजिरी भी देनी होगी।
एसएसपी अनुराग आर्य के कार्यकाल में सबसे ज्यादा हिस्ट्रीशीट खोलने का रिकॉर्ड बन चुका है। पुलिस का फोकस है कि गैंगवार करने वालों की पहचान, नेटवर्क तोड़ना, लगातार निगरानी और सख्त कार्रवाई होगी। एसएसपी अनुराग आर्य ने साफ शब्दों में कहा कि अपराधियों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। जो भी अपराधी हिस्ट्रीशीटर बना है, उसकी हर गतिविधि पर पुलिस की नजर रहेगी।अब बरेली में अपराधियों के लिए एक ही संदेश है या तो सुधर जाओ, या फिर कानून का शिकंजा झेलने को तैयार रहो।