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बरेली में हैवान बना पति, पत्नी और गर्भवती बेटी की बेरहमी से पिटाई, फिर जेवर-फोन लूटकर भागा

बरेली के सुभाष नगर में एक व्यक्ति ने पैसों और जेवर के लालच में अपनी पत्नी और गर्भवती बेटी पर जानलेवा हमला कर दिया। घटना CCTV में कैद हुई।

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बरेली

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Anuj Singh

Apr 16, 2026

बरेली में मां-बेटी पर जानलेवा हमला

बरेली में मां-बेटी पर जानलेवा हमला

Bareilly Crime News: उत्तर प्रदेश के बरेली के थाना सुभाष नगर क्षेत्र में बीडीए कॉलोनी के पास एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। अतुल नाम के व्यक्ति ने महज कुछ रुपयों और जेवरों के लालच में अपनी पत्नी काजल और अपनी दो महीने की गर्भवती बेटी निधि पर जानलेवा हमला कर दिया। अतुल ने पास पड़ी ईंट उठाकर काजल के सिर पर जोर से मार दी। इससे काजल लहूलुहान हो गई। वह यहीं नहीं रुका। उसने अपनी गर्भवती बेटी निधि को भी बेरहमी से पीटा। पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। यह वीडियो देखकर किसी का भी दिल दहल जाता है।

साजिश और लूट

पीड़ित काजल का कहना है कि इस हमले में सिर्फ उसका पति अतुल ही नहीं, बल्कि पूरा ससुराल पक्ष शामिल था। सास विद्या देवी, देवर सोनू, मनोज और देवरानी भी इस साजिश में शामिल थे। मारपीट के दौरान अतुल ने काजल का पर्स छीन लिया। उसमें सोने-चांदी के जेवर और दो मोबाइल फोन थे। सामान लूटने के बाद आरोपी लोग मौके से भाग गए। गंभीर रूप से घायल मां-बेटी किसी तरह सुभाष नगर थाने पहुंचीं। वहां से उन्हें मेडिकल जांच के लिए जिला अस्पताल भेजा गया।

पुलिस पर गंभीर आरोप

घायल निधि ने पुलिस पर बड़े आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि चाचा मनोज की पत्नी उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही के पद पर तैनात है। इसी रसूख के भरोसे आरोपी पक्ष उन्हें लगातार धमका रहा है। निधि के अनुसार, देवरानी (महिला सिपाही) ने खुलकर चैलेंज दिया कि तुम चाहे किसी भी बड़े अधिकारी के पास चली जाओ, मेरा और मेरे परिवार का कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। इससे पीड़ित परिवार में डर का माहौल है।

पहले भी शिकायत की, लेकिन कार्रवाई नहीं

निधि ने बताया कि चार दिन पहले भी चाचा मनोज ने उसके साथ अभद्र व्यवहार किया था। उसकी शिकायत किला चौकी में की गई थी, लेकिन पुलिस ने कोई संज्ञान नहीं लिया। अब इस मुख्य घटना की तहरीर सुभाष नगर थाने में दिए हुए 72 घंटे से ज्यादा समय बीत चुका है। फिर भी सिपाही देवरानी के दबाव के कारण अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। पीड़ित मां-बेटी न्याय के लिए दर-दर भटक रही हैं।

परिवार की गुहार

पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस अपराधियों को संरक्षण दे रही है। वे चाहते हैं कि निष्पक्ष जांच हो और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए। महिलाओं और गर्भवती लड़की पर इस तरह का हमला पूरे समाज के लिए चिंता की बात है।