टपरी डिस्टलरी टैक्स चोरी कांड में प्रशासन ने अब बड़ा एक्शन लिया है। डीएम सहारनपुर के आदेश पर शराब कारोबारी मनोज जायसवाल और उसके भाई नीरज जायसवाल की करीब 48.5 करोड़ रुपये की संपत्तियों पर कुर्की की कार्रवाई कर दी गई।
बरेली। टपरी डिस्टलरी टैक्स चोरी कांड में प्रशासन ने अब बड़ा एक्शन लिया है। डीएम सहारनपुर के आदेश पर शराब कारोबारी मनोज जायसवाल और उसके भाई नीरज जायसवाल की करीब 48.5 करोड़ रुपये की संपत्तियों पर कुर्की की कार्रवाई कर दी गई। इस कार्रवाई ने शराब माफिया नेटवर्क में हड़कंप मचा दिया है।
प्रशासन की टीम ने बरेली में अलग-अलग जगहों पर छापेमारी करते हुए चार बड़ी संपत्तियों को कुर्क किया। इसमें हरूनगला स्थित कृषि भूमि, आवासीय प्लॉट और पीलीभीत बाईपास पर स्थित विशाल व्यावसायिक भूखंड शामिल है।
इस तरह दोनों भाइयों की कुल संपत्ति 48.5 करोड़ रुपये आंकी गई, जिसे प्रशासन ने जब्त कर लिया।
इस पूरे मामले में पुलिस ने 27 लोगों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की है। गैंग का सरगना प्रणय अनेजा (दक्षिण दिल्ली) बताया गया है। इस गिरोह में फैक्ट्री से जुड़े अधिकारी, केमिस्ट, ट्रांसपोर्टर से लेकर आबकारी विभाग के अधिकारी तक शामिल हैं। इससे साफ है कि यह सिर्फ टैक्स चोरी नहीं, बल्कि संगठित आर्थिक अपराध का बड़ा नेटवर्क था।
सहारनपुर के टपरी स्थित शराब फैक्ट्री में टैक्स चोरी पकड़े जाने के बाद यह पूरा मामला सामने आया। जांच में सामने आया कि कंपनी और उससे जुड़े लोग लंबे समय से राजस्व को चूना लगाकर करोड़ों का खेल कर रहे थे। इसी के बाद डीएम सहारनपुर ने कड़ा रुख अपनाते हुए गैंगस्टर की कार्रवाई और संपत्ति कुर्की के आदेश दिए।
प्रशासन की कार्रवाई यहीं नहीं रुकेगी। सूत्रों के मुताबिक, इसी गैंग से जुड़े अजय जायसवाल (भमोरा निवासी) की संपत्तियों पर भी जल्द कुर्की की कार्रवाई होगी। अजय इस समय इज्जतनगर क्षेत्र में रह रहा है और उसके खिलाफ भी तीन मुकदमे दर्ज हैं। डीएम के आदेश में उसका नाम भी शामिल है।
इस पूरी कार्रवाई के दौरान नायब तहसीलदार विदित कुमार, इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय, इंस्पेक्टर बिजेंद्र सिंह समेत भारी पुलिस बल मौजूद रहा। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अवैध कारोबार और टैक्स चोरी करने वालों पर अब सीधा आर्थिक प्रहार होगा, ताकि ऐसे नेटवर्क जड़ से खत्म किए जा सकें।