बरेली

बीमा एजेंट बनकर लोगों को ठग रहे थे आरोपी, स्विफ्ट कार से चल रहा था पूरा खेल, चार आरोपी गिरफ्तार

बीमा पॉलिसी में बोनस और अतिरिक्त लाभ दिलाने का लालच देकर लोगों से ऑनलाइन ठगी करने वाले एक साइबर गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने बुधवार को पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता कर बताया कि थाना भुता पुलिस ने चार शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है, जो लंबे समय से लोगों को अपने जाल में फंसा रहे थे।

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Jan 07, 2026

बरेली। बीमा पॉलिसी में बोनस और अतिरिक्त लाभ दिलाने का लालच देकर लोगों से ऑनलाइन ठगी करने वाले एक साइबर गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। एसपी साउथ अंशिका वर्मा ने बुधवार को पुलिस लाइन में प्रेस वार्ता कर बताया कि थाना भुता पुलिस ने चार शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है, जो लंबे समय से लोगों को अपने जाल में फंसा रहे थे।

गिरफ्तार आरोपियों में मो. नवी निवासी केसरपुर, फरमान निवासी धन्तिया थाना फतेहगंज पश्चिमी, मो. अकरम और आरिफ निवासी केसरपुर थाना भुता शामिल हैं। सभी आरोपी बरेली जिले के रहने वाले हैं। पुलिस को सूचना मिली थी कि केसरपुर साप्ताहिक बाजार के पास खाली मैदान में एक स्विफ्ट कार में बैठकर कुछ लोग मोबाइल फोन के जरिए बीमा से जुड़ी ठगी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना भुता पुलिस ने मौके पर दबिश दी और चारों आरोपियों को रंगे हाथों दबोच लिया।

मोबाइल, एटीएम कार्ड और नकदी बरामद

पुलिस ने आरोपियों के पास से 7 मोबाइल फोन, एक टैबलेट, 5 एटीएम कार्ड, एक पैन कार्ड, फर्जी बिलों की चालान स्लिप, विजिटिंग कार्ड और 54 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा ठगी में इस्तेमाल की जा रही स्विफ्ट कार भी जब्त की गई है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अलग-अलग मोबाइल नंबरों से लोगों को कॉल करते थे और खुद को नामी बीमा कंपनियों का एजेंट बताते थे। पहले भरोसा जीतते थे, फिर पॉलिसी का बोनस मिलने या पुरानी पॉलिसी पर ज्यादा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर लोगों से ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवा लेते थे। ठगी की रकम फर्जी बैंक खातों में मंगाकर आपस में बांट ली जाती थी।

कम पढ़े-लिखे, लेकिन ठगी में माहिर

आरोपियों ने बताया कि वे ज्यादा पढ़े-लिखे नहीं हैं। कोई जरी का काम करता है तो कोई ठेकेदारी से जुड़ा है, लेकिन लालच में आकर साइबर ठगी के धंधे में उतर गए। चारों आरोपियों के खिलाफ थाना भुता में आईटी एक्ट और बीएनएस की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अब इनके बैंक खातों, कॉल डिटेल और अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। पुलिस का कहना है कि इस गिरोह से जुड़े और लोगों के नाम भी सामने आ सकते हैं।

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