मिलावटी नमकीन पकड़े जाने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम ने मालिक की ओर से कोर्ट में दाखिल साक्ष्य खारिज कर दिए हैं। फैक्टरी मालिक पर
बरेली। मिलावटी नमकीन पकड़े जाने के मामले में अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम ने मालिक की ओर से कोर्ट में दाखिल साक्ष्य खारिज कर दिए हैं। फैक्टरी मालिक पर कोर्ट का कीमती समय खराब करने के लिए 20 हजार रुपये जुर्माना लगाया है। 2018 में इस मामले में थाना प्रेम नगर में एफआईआर दर्ज की गई थी।
परसाखेड़ा में है नमकीन फैक्ट्री
प्रेमनगर क्षेत्र के ब्रह्मापुरा निवासी हर्ष खंडेलवाल की परसाखेड़ा में नमकीन फैक्टरी है। नमकीन की 2018 में गुणवत्ता खराब मिली थी। इस मामले में हर्ष खंडेलवाल ने अपने मोहल्ले के ही राधेश्याम भाटिया और कन्हैया भाटिया पर धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि उसने नमकीन निर्माण के लिए खाद्य तेल राधेश्याम और कन्हैया भटिया की श्यामगंज स्थित फर्म से खरीदा था। आरोप था कि तेल मिलावटी था। इस वजह से नमकीन खराब हुई।
कोर्ट में साक्ष्य दाखिल करने की कोशिश, पुलिस को नहीं उपलब्ध कराए
हर्ष खंडेलवाल ने अपने निजी अधिवक्ता के जरिये कोर्ट में धारा 313 के तहत कुछ नए साक्ष्य दाखिल किए। कोर्ट ने इस पर आपत्ति करते हुए कहा कि वादी ने विवेचना के दौरान दरोगा को साक्ष्य उपलब्ध क्यों नहीं कराए।साक्ष्य स्वीकार करने का मतलब होगा कि मामले में फिर से सुनवाई शुरू की जाए। ऐसे तो सुनवाई अनंतकाल तक चलती रहेगी।वादी ने कोर्ट का कीमती समय खराब किया है। उसकी अर्जी को निरस्त किया जाता है। वादी 20 हजार रुपये हर्जा-खर्चा राजकोष में जमा करे।