सहकारी बैंक शाखा फरीदपुर में करोड़ों का घोटाला करने वाले निलंबित शाखा प्रबंधक गौरव वर्मा को आखिरकार पुलिस ने दबोच लिया। गौरव पर किसानों और विधवाओं के खातों से सरकारी योजनाओं की भारी-भरकम रकम हड़पने का आरोप है। पुलिस ने उसे रविवार रात करीब साढ़े आठ बजे फरीदपुर इलाके से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
बरेली। सहकारी बैंक शाखा फरीदपुर में करोड़ों का घोटाला करने वाले निलंबित शाखा प्रबंधक गौरव वर्मा को आखिरकार पुलिस ने दबोच लिया। गौरव पर किसानों और विधवाओं के खातों से सरकारी योजनाओं की भारी-भरकम रकम हड़पने का आरोप है। पुलिस ने उसे रविवार रात करीब साढ़े आठ बजे फरीदपुर इलाके से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
यह पूरा मामला करीब 1.31 करोड़ रुपये के गबन का है। जांच में सामने आया कि बैंक शाखा के कर्मचारी चंद्र प्रकाश, दीपक पांडे, मुकेश कुमार गंगवार के साथ मिलकर गौरव वर्मा ने किसान सम्मान निधि और विधवा पेंशन निधि में सेंध लगाई। मामला 8 जुलाई को तब खुला, जब जिला सहकारी बैंक लिमिटेड के वरिष्ठ सहायक अंकित कुमार ने थाने में तहरीर दी।
गौरव वर्मा ने पूछताछ में कबूल किया कि मई 2022 में शाखा प्रबंधक बनने के बाद उसने लिपिक चंद्र प्रकाश के कहने पर अपने सिस्टम का आईडी-पासवर्ड उसे दे दिया। इसके बाद चंद्र प्रकाश ने करीब 550 फर्जी खाते खोलकर गलत आधार नंबर से लिंक कर दिया। इन्हीं खातों के जरिए लगभग 90 लाख रुपये निकाल लिए गए। गौरव ने यह भी बताया कि उसके आने से पहले ही पूर्व शाखा प्रबंधक मुकेश गंगवार के कार्यकाल में करीब 40-45 लाख रुपये का गबन हो चुका था। फिलहाल बैंक में करीब 60 लाख रुपये ही बचे हैं।
निरीक्षक अपराध रविन्द्र कुमार नैन, उपनिरीक्षक लोकेश तोमर और कांस्टेबल महेश ने मिलकर गौरव को दबोचा। पुलिस अब बाकी आरोपियों की तलाश में जुटी है और बैंक के सभी वित्तीय लेनदेन की बारीकी से जांच कर रही है।