संजयनगर में विद्युत निगम की जनसुनवाई चौपाल में उस वक्त अजीब हालात बन गए, जब कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश सरकार के वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना को वहां बिजली विभाग का एक भी जिम्मेदार अफसर मौजूद नहीं मिला।
बरेली। संजयनगर में विद्युत निगम की जनसुनवाई चौपाल में उस वक्त अजीब हालात बन गए, जब कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे प्रदेश सरकार के वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना को वहां बिजली विभाग का एक भी जिम्मेदार अफसर मौजूद नहीं मिला। मंत्री के पहुंचने के बावजूद विभागीय अधिकारियों की गैरमौजूदगी और मुख्य अभियंता द्वारा फोन कॉल तक नजरअंदाज किए जाने से माहौल गर्मा गया। नाराज मंत्री ने फोन पर ही अधीक्षण अभियंता को जमकर फटकार लगाई और बिना उद्घाटन किए ही कार्यक्रम स्थल से लौट गए।
संजयनगर स्थित एक बैंक्वेट हॉल में सुबह 11 बजे विद्युत निगम की ओर से चौपाल का आयोजन तय था। कार्यक्रम में लोगों की बिजली बिल, स्मार्ट मीटर और कनेक्शन से जुड़ी शिकायतें सुनने के लिए अधिकारियों को मौजूद रहना था।
करीब 11:45 बजे जब वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना कार्यक्रम स्थल पहुंचे तो उन्हें बताया गया कि विद्युत निगम का कोई भी अधिकारी या अभियंता मौके पर मौजूद नहीं है। यह सुनते ही मंत्री हॉल से बाहर आ गए और नाराजगी जताई।
अधिकारियों की गैरमौजूदगी का कारण जानने के लिए मंत्री ने सीधे मुख्य अभियंता को फोन मिलाया, लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव तक नहीं किया। इससे नाराज मंत्री ने अधीक्षण अभियंता को फोन पर जमकर लताड़ लगाई।
उन्होंने साफ कहा कि जब जनता की समस्याएं सुनने के लिए चौपाल लगाई गई है तो जिम्मेदार अफसरों का न आना घोर लापरवाही है। इसके बाद मंत्री बिना उद्घाटन किए ही वहां से वापस लौट गए।
मौके पर मौजूद भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों में भी अधिकारियों के रवैये को लेकर नाराजगी दिखी। कुछ कार्यकर्ताओं ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जब अफसर मंत्री की कॉल तक नहीं उठा रहे तो आम जनता की शिकायतें कौन सुनेगा।
स्थिति बिगड़ती देख कई फरियादी भी निराश होकर वापस लौट गए।
चौपाल में पहुंचे लोगों का कहना था कि वे अपनी समस्याएं लेकर मंत्री के सामने गुहार लगाने आए थे, लेकिन अफसरों की गैरहाजिरी से उनकी उम्मीदें टूट गईं।
वन मंत्री डॉ. अरुण कुमार सक्सेना ने कहा कि विद्युत निगम की ओर से उन्हें मुख्य अतिथि के रूप में बुलाया गया था, लेकिन कार्यक्रम स्थल पर कोई अधिकारी मौजूद नहीं था।
उन्होंने कहा कि यह गंभीर लापरवाही है और इसकी शिकायत ऊर्जा मंत्री से की जाएगी। अगली बार मुख्य अभियंता की मौजूदगी में ही जनसुनवाई शिविर लगवाया जाएगा।
वहीं विद्युत वितरण खंड प्रथम के मुख्य अभियंता ज्ञान प्रकाश ने सफाई देते हुए कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने वाली कंपनी इंटेली स्मार्ट की ओर से शिविर लगाया गया था और अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं दी गई थी।
उन्होंने कहा कि उस समय वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में थे, इसलिए फोन नहीं उठा पाए। बाद में मंत्री से बात कर उन्हें पूरे मामले की जानकारी दे दी गई है और कंपनी को भी भविष्य में ऐसी गलती न करने की चेतावनी दी गई है।