कल रामबरात की वजह से चार घंटे ठहर गई बसों की रफ्तार आज भले सामान्य हो गई हो, लेकिन होली की घर वापसी ने दोनों बस अड्डों की तस्वीर बदल दी है। पुराना बस अड्डा हो या सेटेलाइट, हर ओर सिर्फ बैग पकड़े, टिकट तलाशते और खिड़की से झांकते यात्रियों की कतारें नजर आ रही हैं।
बरेली। कल रामबरात की वजह से चार घंटे ठहर गई बसों की रफ्तार आज भले सामान्य हो गई हो, लेकिन होली की घर वापसी ने दोनों बस अड्डों की तस्वीर बदल दी है। पुराना बस अड्डा हो या सेटेलाइट, हर ओर सिर्फ बैग पकड़े, टिकट तलाशते और खिड़की से झांकते यात्रियों की कतारें नजर आ रही हैं।
सुबह छह बजे से ही बस अड्डों पर हलचल बढ़ने लगी थी। कोई दिल्ली जाने को बेचैन है, तो कोई लखनऊ की बस में जगह तलाश रहा है। आगरा और हल्द्वानी रूट पर भीड़ इतनी है कि कई यात्रियों को खड़े होकर सफर की तैयारी करनी पड़ रही है।
होली पर हर कोई अपने घर पहुंचना चाहता है। ऐसे में सीट मिले या न मिले, बस मिलनी जरूरी है। दिल्ली और लखनऊ रूट पर सबसे ज्यादा दबाव है। परिवहन निगम ने अतिरिक्त फेरे बढ़ाए हैं, लेकिन यात्रियों की संख्या उससे कहीं ज्यादा नजर आ रही है। कल की बंदी के बाद आज प्रशासन अलर्ट मोड में है। अधिकारियों की टीमें दोनों बस अड्डों पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस और ट्रैफिक कर्मी भीड़ को संभालने में जुटे हैं, ताकि कोई अव्यवस्था न फैले।
आगरा रूट पर सड़क चौड़ीकरण और बदायूं मार्ग पर डायवर्जन ने बसों की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। कई बसें निर्धारित समय से देर से पहुंच रही हैं। इसके बावजूद यात्रियों का उत्साह कम नहीं हुआ है। बस अड्डों पर इंतजार करती आंखों में बस एक ही उम्मीद है, समय पर घर पहुंचने की। त्योहार के दबाव को देखते हुए परिवहन निगम ने दोनों बस अड्डों के हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए हैं, ताकि यात्री बसों की जानकारी ले सकें। सेटेलाइट बस अड्डा 6389149100 और पुराना बस अड्डा 6389149018 के ये नंबर जारी किया है।