रेलवे की अजब कहानी सामने आई है। एक तरफ नियमित ट्रेनों में टिकट के लिए अफरा-तफरी मची है, वेटिंग लिस्ट सैकड़ों पार कर रही है और यात्री मजबूरन तत्काल में मोटी रकम खर्च कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ बरेली होकर गुजरने वाली आठ लंबी दूरी की विशेष गाड़ियों में हजारों सीटें खाली पड़ी हैं।
बरेली। रेलवे की अजब कहानी सामने आई है। एक तरफ नियमित ट्रेनों में टिकट के लिए अफरा-तफरी मची है, वेटिंग लिस्ट सैकड़ों पार कर रही है और यात्री मजबूरन तत्काल में मोटी रकम खर्च कर रहे हैं, तो दूसरी तरफ बरेली होकर गुजरने वाली आठ लंबी दूरी की विशेष गाड़ियों में हजारों सीटें खाली पड़ी हैं। 26 फरवरी से 5 मार्च के बीच इन ट्रेनों में आराम से कन्फर्म टिकट मिल रहे हैं।
इन दिनों दिल्ली, मुंबई, चंडीगढ़ और कोलकाता रूट की नियमित ट्रेनों में लंबी वेटिंग चल रही है। टिकट काउंटर से लेकर ऑनलाइन बुकिंग तक यात्री जूझ रहे हैं। कई लोग महंगा तत्काल टिकट लेने को मजबूर हैं। लेकिन यही यात्री अगर विशेष ट्रेनों की ओर रुख करें तो उन्हें कन्फर्म सीट मिल सकती है।
इस बार रेलवे ने बरेली रूट पर 48 से अधिक विशेष गाड़ियों की समय सारिणी जारी की है। आठ विशेष ट्रेनों के फेरों में बढ़ोतरी की गई है। 12 विशेष गाड़ियां पहले से चल रही हैं, जबकि बाकी का संचालन 26 फरवरी से अलग-अलग तारीखों में शुरू होगा। हालांकि सच यह भी है कि स्पेशल गाड़ियां अक्सर लेटलतीफी का शिकार हो जाती हैं और इनमें किराया भी नियमित ट्रेनों से ज्यादा लिया जाता है। यही वजह है कि सीटें खाली रहने के बावजूद यात्री पहले नियमित ट्रेन में भागदौड़ करते हैं।
रेलवे सूत्रों के अनुसार जिन विशेष ट्रेनों में अभी सीटें उपलब्ध हैं, उनमें 04021 गोरखपुर-नई दिल्ली, 04513 गोरखपुर-चंडीगढ़, 09076 काठगोदाम-मुंबई सेंट्रल, 05045 लालकुआं-राजकोट, 05301 मऊ-अंबाला, 05005 बढ़नी-अमृतसर विशेष, 05023 गोमतीनगर-खातीपुरा विशेष, 05060 लालकुआं-कोलकाता विशेष शामिल हैं। इन गाड़ियों में बड़ी संख्या में बर्थ खाली हैं, जिससे यात्रियों को तत्काल राहत मिल सकती है।
रेलवे की यह स्थिति साफ संकेत दे रही है कि टिकट न मिलने की शिकायत के बीच विकल्प मौजूद हैं। जरूरत है यात्रियों को जागरूक होने की। नियमित ट्रेनों की वेटिंग लिस्ट के भरोसे बैठने के बजाय विशेष गाड़ियों की उपलब्धता जांचना ही समझदारी साबित हो सकता है।