शहीदी दिवस पर मॉडल टाउन गुरुद्वारा में जरनैल सिंह भिंडरेवाले की तस्वीर लगाने को लेकर कुछ लोगों ने एतराज कर दिया। मामले की शिकायत अफसरों तक पहुंची।
बरेली। शहीदी दिवस पर मॉडल टाउन गुरुद्वारा में जरनैल सिंह भिंडरेवाले की तस्वीर लगाने को लेकर कुछ लोगों ने एतराज कर दिया। मामले की शिकायत अफसरों तक पहुंची। इसके बाद पुलिस और इंटेलीजेंस की टीम मौके पर पहुंची। सीओ ने गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के पदाधिकारियों से बात की। इसके बाद तस्वीर को वहां से हटा दिया गया।
अकाल तख्त के आदेश पर लगाई गई थी भिंडरेवाले की तस्वीर
गुरुद्वारा प्रबंध कमेटी के अध्यक्ष मलिक सिंह कालरा ने बताया की अकाल तख्त के आदेश पर तीन दिन का कार्यक्रम मनाया जा रहा था। दो जून संत जरनैल सिंह का शहीदी दिवस है। इस मौके पर संत जरनल सिंह भिंडरेवाले, भाई अमरीक सिंह, जनरल सुबैक सिंह की तस्वीर लगाई गई थी। कुछ लोगों ने एतराज किया। पुलिस से भी उनकी बात हुई। इसके बाद संत जरनैल सिंह भिंडरेवाले की तस्वीर को वहां से हटा दिया गया है।
पंजाब में खौफ और दहशत का दूसरा नाम था भिंडरेवाले
जरनैल सिंह भिंडरेवाले को पंजाब में दहशत और खौफ का दूसरा नाम थे। सिख धर्म की संस्था दमदमी टकसाल से जुड़ने के बाद जरनैल सिंह के नाम के पीछे भिंडरेवाले लगा गया। इसके बाद से ही लोग उन्हें भिंडरेवाले के नाम से जानने लगे।. करीब 30 साल की उम्र में जरनैल सिंह को इस संस्था का अध्यक्ष चुन लिया गया। यहीं से भिंडरेवाले ने एक अलग देश बनाने की मुहिम को हवा देना शुरू कर दिया। पंजाब में लगातार हिंसक झड़प होने लगीं। इसमें भिंडरेवाले के भड़काऊ भाषणों का अहम रोल होता था।