
सीएफओ मनु शर्मा
बरेली। अब फायर ब्रिगेड सिर्फ आग बुझाने तक सीमित नहीं रहेगी। शहर में बढ़ती आपदाओं, हादसों और हाईराइज बिल्डिंग के जोखिम को देखते हुए बरेली फायर विभाग के बेड़े में आधुनिक मल्टी डिजास्टर रेस्पांस (एमडीआर) व्हीकल शामिल कर लिया गया है। मुख्यालय से वाहन मिलने के बाद उसका ट्रायल भी शुरू कर दिया गया है और आपदा की सूचना पर उसे मौके पर भेजा जा रहा है।
अब तक किसी नाले, गड्ढे या अन्य स्थान पर व्यक्ति या पशु के फंसने की स्थिति में निजी कंपनियों की क्रेन बुलानी पड़ती थी, जिससे देरी होती थी। नए एमडीआर वाहन में पीछे लगी हाइड्रोलिक क्रेन की मदद से ऐसे हालात में तुरंत रेस्क्यू किया जा सकेगा। वाहन में पानी का टैंक, हाई पावर फ्लैश लाइट, रेस्क्यू टूल्स, दरवाजा काटने के कटर, जूम कैमरा, जनरेटर और यूपीएस जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं।
इस वाहन की खासियत इसका जूम कैमरा है, जिसे किसी भी छोटे छेद या दरार में डालकर 18 फुट अंदर तक की साफ तस्वीर देखी जा सकती है। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि किसी जली या क्षतिग्रस्त बिल्डिंग के भीतर कोई व्यक्ति या जानवर फंसा तो नहीं है। अंधेरे या रात के समय जनरेटर के जरिये मौके पर रोशनी की जाएगी। यदि जनरेटर में तकनीकी दिक्कत आती है तो यूपीएस बैकअप के तौर पर काम करेगा।
फिलहाल जिले में उपलब्ध फायर टेंडर से सिर्फ 15 मीटर तक ऊंची इमारत में आग लगने की स्थिति से निपटा जा सकता है, जबकि शहर में 42.5 मीटर तक ऊंची इमारतें बन चुकी हैं। ऐसे में हाईराइज बिल्डिंग में आग लगने पर बड़ी चुनौती सामने आती है। इस समस्या के समाधान के लिए विभाग ने दो हाईराइज प्लेटफॉर्म वाहन मंगाने का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा है। ये प्लेटफॉर्म आने के बाद 42 मीटर ऊंचाई तक प्रभावी रेस्क्यू और फायर कंट्रोल संभव हो सकेगा।
सीएफओ मनु शर्मा ने बताया कि एमडीआर वाहन के मिलने से आग के अलावा अन्य आपदाओं में भी तेजी से राहत और बचाव कार्य किया जा सकेगा। साथ ही हाईराइज भवनों में आग की घटनाओं से निपटने के लिए जल्द अतिरिक्त वाहन भी उपलब्ध हो जाएंगे। नई तकनीक और आधुनिक संसाधनों से लैस यह पहल शहरवासियों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है। अब आग, हादसे या किसी भी आपदा के वक्त फायर ब्रिगेड पहले से ज्यादा सक्षम और तत्पर नजर आएगी।
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Published on:
11 Feb 2026 08:33 pm
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