डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली एजेंसी को ब्लैक लिस्ट करने के मामले में हाईकार्ट ने नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स को अवमानना नोटिस जारी किया था। हाईकोर्ट के नोटिस जारी करते ही सालों से अटका भुगतान चुटकियों में निगम अफसरों ने कर दिया।
बरेली। डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली एजेंसी को ब्लैक लिस्ट करने के मामले में हाईकार्ट ने नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स को अवमानना नोटिस जारी किया था। हाईकोर्ट के नोटिस जारी करते ही सालों से अटका भुगतान चुटकियों में निगम अफसरों ने कर दिया। हाईकोर्ट में निगम के अधिवक्ताओं ने अपना जवाब दाखिल किया है। सोमवार को इस मामले की सुनवाई नहीं हो पाई। अब अगली तारीख में इस पर निर्णय होना है।
आनंद नारायण कांट्रेक्टर ने हाईकोर्ट में डाली थी रिट
मै.आनन्द नारायण कॉन्ट्रेक्टर ने नगर निगम बरेली के जोन-4 में 16 दिसम्बर 2019 से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन का काम किया था। जोन-2 में मै. आयुषी हाइजिन एंड केयर प्राइवेट लिमिटेड के जरिए कूड़ा कलेक्शन किया जा रहा था। मै. आयुषी हाइजिन एंड केयर एजेंसी द्वारा अप्रैल 2021 में अनुबंध समाप्त होने के दौरान जोन 4 के साथ जोन 2 का काम भी मै. आनन्द नारायण कॉन्ट्रेक्टर को दिया गया। फर्म ने 1 मई 2021 से जोन 2 में भी काम किया। 30 अप्रैल 2023 को मै.आनन्द नारायण कॉन्ट्रेक्टर का अनुबंध समाप्त हो गया। इसके बाद दो माह एवं नया टेंडर स्वीकृत होने तक समय विस्तार किया गया।
एजेंसी का किया गया था ब्लैक लिस्ट, कोर्ट से मिली राहत
27 सितंबर 2023 में मै. आनन्द नारायण कॉन्ट्रेक्टर को ब्लैकलिस्ट किये जाने के आदेश हुए। जिसके खिलाफ मै. आनन्द नारायण कॉन्ट्रेक्टर द्वारा रिट याचिका दायर की गई। इस प्रकरण में हाईकोर्ट ने नगर निगम को मामले के निस्तारित करने के आदेश दिए था। जिसका अनुपालन नहीं किया गया। इस पर हाईकोर्ट ने अवमानना का नोटिस जारी किया था। सोमवार को इस केस की तारीख थी। अब उसको आगे बढ़ा दिया गया है। अपर नगर आयुक्त सुनील कुमार यादव का कहना है कि कोर्ट के आदेशों का पालन कर दिया गया है। हमारे अधिवक्ता द्वारा पक्ष रखा गया है।
नगर निगम ने किया फर्म को भुगतान
आनंद नारायण फर्म का समय विस्तार 2 माह एवं नवनिविदा स्वीकृत होने तक किया गया था। नई फर्मों को 1 मार्च 2024 से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन की जिम्मेदारी सौप दी। इस पर फर्म आनंद नारायण ने अवमानना की अपील कर दी। कोर्ट ने नगरायुक्त को इस संबंध में नोटिस जारी किया। जिस पर नगर निगम ने 10 मई 2024 को प्रकरण का निस्तारण कर दिया है। निस्तारण में मै. आनन्द नारायण कॉन्ट्रेक्टर को पूर्व में किये गये कार्य और जमा यूजर के आधार पर फर्म को 23.53 लाख का भुगतान भी नगर निगम ने किया है।