रंगों के त्योहार से पहले शहर में खाकी पूरी तरह चौकन्नी हो गई है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की पैदल गश्त ने जहां आम लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया, वहीं बड़े अफसरों ने अचानक मैदान में उतरकर थानों की हकीकत टटोली।
बरेली। रंगों के त्योहार से पहले शहर में खाकी पूरी तरह चौकन्नी हो गई है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की पैदल गश्त ने जहां आम लोगों को सुरक्षा का भरोसा दिलाया, वहीं बड़े अफसरों ने अचानक मैदान में उतरकर थानों की हकीकत टटोली। डायल-112 की रफ्तार से लेकर चौकी की फाइलों तक सब कुछ बारीकी से खंगाला गया।
एडीजी रमित शर्मा, डीआईजी अजय कुमार साहनी और एसएसपी अनुराग आर्य ने शनिवार देर रात शहर के कई थानों, चौकियों और डायल-112 सेवा का औचक निरीक्षण किया। चौकी चौराहों पर पीआरवी गाड़ियों को बुलाकर रिस्पॉन्स टाइम चेक किया गया। साफ संदेश दिया गया कि त्योहार के दौरान सूचना मिली तो पुलिस मौके पर दिखनी भी चाहिए और असरदार कार्रवाई भी होनी चाहिए।
होली को लेकर एसएसपी अनुराग आर्य ने शनिवार देर रात गूगल मीट के जरिये जनपद स्तरीय बैठक की। सभी अपर पुलिस अधीक्षक, क्षेत्राधिकारी, सीओ एलआईयू, सीएफओ और थाना प्रभारियों को साफ कहा गया कि होली पर ढिलाई नहीं चलेगी। शांति व्यवस्था सबसे ऊपर है, और गड़बड़ी करने वालों पर सख्त कार्रवाई तय है। 2/3 और 3/4 मार्च की रात होने वाले होलिका दहन कार्यक्रमों को लेकर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। हर स्थल का पहले सत्यापन होगा। निर्धारित समय से बाहर कार्यक्रम नहीं होंगे। बड़े स्थानों पर सीसीटीवी लगाने और अग्निशमन विभाग से तालमेल बैठाने के निर्देश दिए गए हैं। मिश्रित आबादी और बाजार इलाकों में गश्त बढ़ा दी गई है।
होली पर डीजे संचालकों को साफ चेतावनी है कि भक्ति, होली या सामान्य फिल्मी गीत ही बजेंगे। अश्लीलता या माहौल बिगाड़ने की कोशिश हुई तो कार्रवाई तय है। थाना स्तर पर डीजे संचालकों के साथ बैठक कर नियम समझाए जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रखी जा रही है ताकि अफवाह या भड़काऊ पोस्ट पर तुरंत लगाम लगाई जा सके। वहीं प्रेमनगर, सुभाषनगर, कैंट और किला थानों में शरारती तत्वों पर प्रभावी कार्रवाई न होने की शिकायत पर एसएसपी ने प्रारंभिक जांच के आदेश दिए हैं। साफ कर दिया गया है कि त्योहार से पहले हर संदिग्ध और उपद्रवी पर नजर रखी जाएगी।