जिले में साइबर ठगों ने एक बार फिर लोगों की मेहनत की कमाई पर डाका डाल दिया। ठगों ने फर्जी बैंक ऐप अपडेट, यूपीआई फ्रॉड और मोबाइल हैकिंग के जरिए रिटायर्ड बैंक कर्मचारी समेत तीन लोगों के खातों से 6.77 लाख रुपये से ज्यादा की रकम साफ कर दी।
बरेली। जिले में साइबर ठगों ने एक बार फिर लोगों की मेहनत की कमाई पर डाका डाल दिया। ठगों ने फर्जी बैंक ऐप अपडेट, यूपीआई फ्रॉड और मोबाइल हैकिंग के जरिए रिटायर्ड बैंक कर्मचारी समेत तीन लोगों के खातों से 6.77 लाख रुपये से ज्यादा की रकम साफ कर दी। तीनों पीड़ितों ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पहली वारदात में ठगों ने खुद को यूनियन बैंक का कर्मचारी बताकर एक रिटायर्ड बैंक कर्मचारी को जाल में फंसाया, और फोन पर भरोसा जीतने के बाद व्हाट्सएप से फर्जी ऐप भिजवाया गया। ऐप इंस्टॉल होते ही मोबाइल हैक हो गया और अगले ही दिन खाते से 78,744 रुपये गायब कर दिए गए। पीड़ित ने थाना बारादरी में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
दूसरी घटना इज्जतनगर थाना क्षेत्र की है, जहां अशोक विहार निवासी विकास सारस्वत को निशाना बनाया गया। साइबर अपराधियों ने यूपीआई के जरिए 99,999.51 रुपये बैंक खाते से उड़ा लिए। खाते से रकम कटते ही पीड़ित के होश उड़ गए। आनन-फानन में साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की गई, इसके बाद इज्जतनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई।
तीसरी और सबसे बड़ी वारदात प्रेमनगर इलाके में सामने आई। द्वारिकापुरम निवासी अरविंद कुमार मिश्रा के मोबाइल पर एक अज्ञात कॉल आई। कुछ ही देर में मोबाइल पूरी तरह ठगों के कब्जे में चला गया। इसके बाद अलग-अलग खातों से कुल 4,98,686 रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित की तहरीर पर प्रेमनगर थाने में मुकदमा दर्ज हुआ है।
पुलिस ने साफ कहा है कि अज्ञात कॉल, मैसेज और लिंक ही साइबर ठगी की पहली सीढ़ी हैं। बैंक के नाम पर आने वाले फोन, ऐप अपडेट और यूपीआई रिक्वेस्ट से सावधान रहें। जरा सी लापरवाही लाखों की चपत लगा सकती है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत 1930 या नजदीकी थाने को सूचना देने की अपील की गई है।