जिले में गर्मी ने खतरनाक तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सोमवार को अधिकतम तापमान 40.7 डिग्री सेल्सियस पहुंचने के बाद शिक्षा विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है।
बरेली। जिले में गर्मी ने खतरनाक तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। सोमवार को अधिकतम तापमान 40.7 डिग्री सेल्सियस पहुंचने के बाद शिक्षा विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। बच्चों की सेहत को देखते हुए बेसिक शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों में तत्काल राहत इंतजाम लागू करने के कड़े निर्देश जारी कर दिए हैं।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. विनीता ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को साफ निर्देश दिए हैं कि स्कूलों में बच्चों के लिए शुद्ध पेयजल और पर्याप्त छाया की व्यवस्था अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। जिन स्कूलों में आरओ सिस्टम लगे हैं, उन्हें तत्काल चालू करने और जहां नहीं हैं, वहां वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा गया है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि छात्रों के स्वास्थ्य से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं होगा।
भीषण गर्मी को देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव की भी तैयारी शुरू हो गई है। उद्देश्य साफ है—बच्चों को दोपहर की झुलसा देने वाली धूप से बचाया जाए। इसके साथ ही कक्षाओं में पंखे और कूलर सही स्थिति में चलें, इसकी जिम्मेदारी सीधे स्कूल प्रशासन को सौंपी गई है। गर्मी के मौसम में भोजन से होने वाली बीमारियों को रोकने के लिए मिड-डे मील की गुणवत्ता पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं। साफ-सफाई, ताजगी और पोषण मानकों का पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है ताकि बच्चों की सेहत पर कोई खतरा न आए।
बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए स्कूलों में फिलहाल आउटडोर खेल और शारीरिक गतिविधियों पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। साथ ही, स्कूल भवनों की छतों पर सफेद पेंट कराने और हीट रेजिस्टेंट मटेरियल के उपयोग का सुझाव भी दिया गया है, ताकि कक्षाओं का तापमान नियंत्रित रखा जा सके। विभाग ने सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इन आदेशों का सख्ती से पालन कराएं। साफ संदेश है—गर्मी से बचाव में लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि बच्चों की सुरक्षा ही सबसे बड़ी प्राथमिकता है।