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रुहेलखंड विश्वविद्यालय में बवाल: ‘कुलपति लापता’ पोस्टर चिपकाकर एबीवीपी का हंगामा, परीक्षा-परिणाम पर फूटा गुस्सा

रुहेलखंड विश्वविद्यालय में परीक्षा और परिणाम संबंधी अव्यवस्थाओं को लेकर सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों छात्रों ने प्रशासनिक भवन पर जमकर प्रदर्शन किया और कुलपति प्रो. केपी सिंह के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ‘कुलपति लापता’ के पोस्टर चस्पा कर दिए।
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बरेली

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Avanish Pandey

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Updated: 20 Apr 2026, 2:01 PM IST

बरेली। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय (एमजेपीआरयू) में परीक्षा और परिणाम संबंधी अव्यवस्थाओं को लेकर सोमवार को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों छात्रों ने प्रशासनिक भवन पर जमकर प्रदर्शन किया और कुलपति प्रो. केपी सिंह के खिलाफ नारेबाजी करते हुए ‘कुलपति लापता’ के पोस्टर चस्पा कर दिए। प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही।

एबीवीपी पदाधिकारियों का आरोप है कि विश्वविद्यालय की लचर व्यवस्था के चलते छात्रों का भविष्य दांव पर लग गया है। प्रांत संगठन मंत्री आनंद कठेरिया ने कहा कि परीक्षा और परिणाम से जुड़ी समस्याओं का तत्काल समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। छात्रों का कहना है कि बार-बार शिकायत के बावजूद प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा है।

ज्ञापन लेने पहुंचे अधिकारी, छात्रों ने किया इनकार

प्रदर्शन के दौरान परीक्षा नियंत्रक संजीव सिंह मौके पर पहुंचे, लेकिन उन्होंने समस्याओं का समाधान अपने स्तर पर संभव न होने की बात कही। इस पर नाराज छात्रों ने उन्हें ज्ञापन देने से ही इंकार कर दिया। बाद में कुलसचिव हरीशचंद्र भी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक छात्रों का आक्रोश चरम पर था। इस धरने में बदायूं और शाहजहांपुर से आए छात्र भी शामिल रहे। एबीवीपी ने आरोप लगाया कि घोषित परिणामों में बड़ी संख्या में छात्रों को को-करिकुलर विषयों में बैक दी गई है, जबकि कई छात्रों को एक समान अंक देकर प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए गए हैं। संगठन का दावा है कि यह पूरी प्रक्रिया आर्थिक वसूली का माध्यम बनती जा रही है। साथ ही, परीक्षा फॉर्म भरते समय चुने गए विषयों का स्वतः बदल जाना भी छात्रों के लिए बड़ी परेशानी बना हुआ है।

शुल्क वृद्धि और तकनीकी खामियों से बढ़ी परेशानी

छात्रों का कहना है कि ग्रेजुएशन स्तर पर एक सेमेस्टर की फीस 1500 रुपये है, लेकिन बैक आने पर दो-तीन विषयों के लिए 3000 रुपये तक वसूले जा रहे हैं, जो अनुचित है। इसके अलावा, सर्वर स्लो होना, फॉर्म का स्वतः लॉक होना और वोकेशनल विषयों का बदल जाना जैसी तकनीकी समस्याओं से छात्र परेशान हैं। इन खामियों के कारण छात्रों को बार-बार कॉलेज और विश्वविद्यालय के चक्कर लगाने पड़ते हैं। एबीवीपी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो विश्वविद्यालय में बड़ा आंदोलन किया जाएगा। फिलहाल, छात्रों के इस विरोध प्रदर्शन ने विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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