इस शादी में एक दूसरे का साथ निभाने के सात वचन के अलावा आठवा वचन देश प्रेम और समाजसेवा का लिया गया।
बरेली। शहरवासी एक अनूठी शादी के गवाह बने जहां भारत माता को साक्षी मानकर वर वधु ने सात फेरे लिए इतना ही नहीं इस शादी में एक दूसरे का साथ निभाने के सात वचन के अलावा आठवा वचन देश प्रेम और समाजसेवा का लिया गया। हिमानी का परिवार चाहता था कि उसकी शादी भारत माता को साक्षी मानकर हो जिस पर आशुतोष के परिजनों ने सहमति दे दी।
आंठवा वचन देश सेवा का
बरेली के रहने वाले इंजीनियर आशुतोष गुप्ता की शादी अलीगढ़ की रहने वाली डॉक्टर हिमानी शर्मा के साथ तय हुई थी। हिमानी शर्मा अलीगढ़ के स्वतन्त्रता संग्राम सेनानी गंगाधर शर्मा की पौत्री है। फाहम लॉन में शादी की रस्मे निभाई गई जिसमें वर-वधु ने भारत माता के चित्र के सात फेरे लिए और देश की गरिमा और देश की अखंडता के लिए आंठवा वचन लिया। हिमानी के दादा जी गंगाधर शर्मा आजाद हिंद फौज में थे और वो नेता जी सुभाषचन्द्र बोस के सहयोगी थे।
दोस्ती को रिश्तेदारी में बदला
हिमानी फिजियोथेरेपिस्ट है और आशुतोष नोयडा में एक मल्टीनेशनल कंपनी में इंजीनियर है। डॉक्टर हिमानी और आशुतोष की मां बचपन की सहेली है। दोनों ने अपनी दोस्ती को रिश्तेदारी में बदलने का फैसला किया। हिमानी का परिवार चाहता था कि उसकी शादी भारत माता को साक्षी मानकर की जाए जिस पर आशुतोष के परिवार ने सहमति दे दी और दोनों की शादी बड़ी धूम धाम से आयोजित हुई। इस अनोखी शादी के गवाह बरेली के तमाम लोग भी बने।