बारिश से शहर में जलभराव तो है ही, नगर निगम के सभागार की छत भी टपकने लगी है। सभागार में बैठने की जगह नहीं बची है। ऐसे हालात में सभागार में कार्यकारिणी का चुनाव कैसे होगा। पार्षदों ने इसकी शिकायत मेयर डा. उमेश गौतम से की है।
बरेली। बारिश से शहर में जलभराव तो है ही, नगर निगम के सभागार की छत भी टपकने लगी है। सभागार में बैठने की जगह नहीं बची है। ऐसे हालात में सभागार में कार्यकारिणी का चुनाव कैसे होगा। पार्षदों ने इसकी शिकायत मेयर डा. उमेश गौतम से की है। आरोप लगाया है कि जिम्मेदार अधिकारी इसको गंभीरता से नहीं ले रहे हैं।
शनिवार को होनी है कार्यकारिणी की बैठक
एक दिन बारिश हो जाए तो शहर भर में अगले दो दिन जल भराव और कीचड़ से दो-चार होना पड़ता है। निचले इलाकों की सडकें तो दलदल बन जाती है। कुछ गली ऐसी हैं, जिनसे लोगों ने आना-जाना फिलहाल बंद कर दिया है। ये तो शहर का हाल है। अब जहां से शहर को विकसित करने के लिए बजट मंजूर होता है। उस सभागार (नगर निगम की सदन) की छत बारिश के पानी से टपक रही है। शनिवार को कार्यकारिणी के छह सदस्यों का चुनाव होना है। इस स्थिति में वहां चुनाव कैसे होगा।
गर्मी में एसी नहीं चलता और बारिश में टपकती है छत
शुक्रवार को मेयर अपने कार्यालय में पहुंचे। तभी तमाम पार्षद भी आ गए। मेयर ने बताया कि पार्षदों ने शिकायत की है कि सभागार का रखरखाव ठीक से नहीं हो रहा है। गर्मी में न तो एयरकंडीशनर ठीक से काम करते हैं और न बैठने आदि की व्यवस्था को सुधारा है। बारिश हो रही है और सदन की छत से पानी टपक रहा है। इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी गई इसके बावजूद सुधार करने की कोई व्यवस्था नहीं कही गई है। कार्यकारिणी के छह सदस्यों का चुनाव होना है, ऐसे में बारिश हुई तो चुनाव प्रक्रिया बाधित होगी। अधिकारियों से कहा गया है कि चुनाव में किसी तरह की कोई भी लापरवाही हुई तो सीधे शासन को उनकी कार्यशैली के बारे में लिखा जाएगा।