जमीन बस स्टैंड के नाम आरक्षित,कैसे बनाएं कॉम्पलैक्स-तिलक बस स्टैंड पर प्रस्तावित है नगर परिषद का कॉम्पलैक्स- सभापति ने कुर्सी पर बैठते ही किया था वादा
बाड़मेर.शहर के सबसे बडे़ व्यावसायिक कॉम्पलैक्स का प्रोजेक्ट तीन साल से सपना ही बना हुआ है। इसके लिए प्रस्तावित जमीन का भू-उपयोग परिवर्तन भी नगर परिषद नहीं करवा सकी है। जबकि सभापति ने कुर्सी पर बैठते ही वादा किया था कि तिलक बस स्टैंड पर शहर का सबसे बड़ा काम्पलैक्स बनेगा। करोड़ों की इस जमीन के उपयोग की योजना को लेकर कुछ भी नहीं हुआ है। तीन साल बीतने के बाद भी परिषद अभी तक भू-उपयोग परिवर्तन भी नहीं करवा पाई है। राजकीय जिला अस्पताल के सामने बस स्टैंड की जमीन पर नगर परिषद ने तीन साल पहले के वादे को पूरा करने के लिए वर्ष 2016-17 के बजट में मॉल निर्माण को 2.50 करोड़ रुपए का प्रस्ताव रखा था। मॉल निर्माण पर 10-12 करोड़ रुपए व्यय होने का अनुमान है। ऐसे में दस करोड़ का ऋण लेने का प्रस्ताव भी बनाया गया। लेकिन तीन साल बीतने के बाद भी परिषद अभी तक भू-उपयोग परिवर्तन भी नहीं करवा पाई है।
फाइलों में कैद प्रोजेक्ट
तीन वर्ष से कॉम्लैक्स निर्माण की योजना फाइलों में कैद है। जमीन बस स्टैंड के लिए प्रस्तावित होने के कारण इसके व्यावसायिक उपयोग के लिए भू-उपयोग परिवर्तन की स्वीकृति की फाइल स्थानीय भू-उपयोग परिवर्तन कमेटी के निर्णय के बाद सरकार को भेज दी गई लेकिन वहां से स्वीकृति का इंतजार है।
मॉल बने तो हो फायदा
शहर का व्यस्त इलाका है। यहां पर कलक्ट्रेट, राजकीय जिला अस्पताल सहित मुख्य बाजार नजदीक है। ऐसे में यहां पर मॉल का निर्माण हो तो शहरवासियों को फायदा होगा। इसके साथ-साथ नगर परिषद की आय बढ़ेगी।
- खोखले हैं वादे
बोर्ड जब बना था, तब वादा किया था कि तिलक बस स्टैंड की जगह पर कॉम्पलैक्स बनाएंगे। लेकिन अभी तक कुछ नहीं हुआ है। - बादलसिंह, पार्षद
- महज सपने
नगर परिषद के प्रोजेक्ट केवल सपने ही होते हैं। काम करने की इच्छाशक्ति नहीं है। ऐसे में प्रोजेक्ट का लोग इंतजार की करते रह जाएंगे। - नरेशदेव सारण, पार्षद