बाड़मेर

20 घंटे बाद गतिरोध खत्म, समझौते के बाद उठाया सुरक्षा गार्ड का शव

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Dec 21, 2018
20 hours after deadlock over, raised security guards dead
20 hours after deadlock over, raised security guards dead

20 घंटे बाद गतिरोध खत्म, समझौते के बाद उठाया सुरक्षा गार्ड का शव
एक आश्रित को कंपनी में स्थायी रोजगार की मांग भी मानी
चार घंटे एमपीटी के गेट रहे बंद, ग्रामीणों ने दिया धरना
गेट खोलते समय बस की चपेट में आया था गार्ड

बायतु. नागाणा स्थित मंगला प्रोसेसिंग टर्मिनल में बुधवार शाम ड्यूटी पर सुरक्षा गार्ड पूनाराम पुत्र हीराराम की बस की चपेट में आने से मौत के बाद चल रहा गतिरोध बीस घंटे बाद गुरुवार को समाप्त हुआ। घटना के विरोध में लोगों ने प्रदर्शन करते हुए शव उठाने से ही इनकार कर दिया। गुरुवार सुबह मोर्चरी के आगे बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए तथा जिला कलक्टर से मुलाकात कर पचास लाख रुपए मुआवजा राशि व मृतक के आश्रित को कम्पनी में स्थायी रोजगार की मांग समेत अन्य अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा। प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद कंपनी के अधिकारियों के साथ वार्ता का दौर शुरू हुआ लेकिन मुआवजा राशि को लेकर सहमति नहीं बनी तो गुस्साए लोगों ने दोपहर करीब दो बजे नागाणा पहुंचकर मंगला प्रोसेसिंग टर्मिनल के सभी पांचों गेट व ओबी कैम्प का एक गेट बंद करवा कर धरने पर बैठ गए।
लोगों ने आरोप लगाया कि कंपनी की लापरवाही के चलते सुरक्षा गार्ड की मौत हो गई। लोगों के एमपीटी के गेट बंद करवाने पर नागाणा थानाधिकारी यहां पहुंचीं और समझाइश की। मुआवजे की राशि को लेकर दोनों पक्षों में सहमति नहीं बन पाई। इस दौरान जाट समाज महासभा के जिला अध्यक्ष डालूराम चौधरी, बाड़मेर प्रधान पुष्पा चौधरी, मनीष चौधरी, कवास सरपंच रमेश गोलिया, भुरटिया सरपंच मनोज थोरी, सेवानिवृत्त शिक्षक रघुवीर सिंह कड़वासरा आदि ने कंपनी प्रशासन के साथ वार्ता की। कंपनी अधिकारियों ने मांगे मानते हुए मृतक के परिजन को मुआवजे के तौर पर बीस लाख रुपए व एक आश्रित को कंपनी में स्थायी रोजगार देने की मांग स्वीकार की, तब 20 घंटे बाद शव का पोस्टमार्टम हुआ। पोस्टमार्टम के बाद शव अंतिम संस्कार के लिए परिजन को सौंप दिया।
अतिरिक्त पुलिस जाब्ता भेजा
सुरक्षा गार्ड की मौत के बाद नागाणा में प्लांट के गेट बंद कर देने के बाद व्यवस्था बनाने के लिए बाड़मेर से अतिरिक्त पुलिस जाब्ता भी भेजा गया। घटना के विरोध में लोग सड़क पर धरने पर बैठ गए तथा गेट बंद कर वाहनों की आवाजाही भी रोक दी। इस पर प्रशासन ने बाड़मेर से रोडवेज बसों की व्यवस्था की ताकि कम्पनी अधिकारियों व कर्मचारियों को बाड़मेर भेजा जा सके। शाम करीब छह बजे धरना समाप्त करने पर रास्ते खोले गए।

Published on:
21 Dec 2018 09:12 am